ओवैसी की ‘वंदे मातरम’ को लेकर की गई टिप्पणी बांटने वाली मानसिकता है : गौरव वल्लभ
नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा 'वंदे मातरम' को लेकर की गई टिप्पणी के बाद देश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने ओवैसी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय भावनाओं का अपमान बताया है।
दरअसल, असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को 'वंदे मातरम' को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि यह एक देवी की स्तुति है, इसे राष्ट्रीत गीत के बराबर नहीं माना जा सकता है।
भाजपा प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि असदुद्दीन ओवैसी को अब ‘वंदे मातरम’ से भी दिक्कत होने लगी है, जो उनकी 'बांटने वाली मानसिकता' को दर्शाता है। भाजपा 'सबका साथ, सबका विकास' की नीति में विश्वास करती है और देश की एकता तथा राष्ट्रभावना को सर्वोपरि मानती है।
गौरव वल्लभ ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय रचित राष्ट्रीय गीत है और इसे लेकर किसी प्रकार की आपत्ति देश की भावनाओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि ‘भारत माता की जय‘ भी बोला जाएगा, 'वंदे मातरम' का गान भी होगा और 'जन-गण-मन' भी पूरे सम्मान के साथ गाया जाएगा।
भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने भी ओवैसी की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि यह बेहद दुखद है कि देश के राष्ट्रीय गीत को धर्म के नजरिए से देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ वर्षों से देश की राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक रहा है। रोहन गुप्ता ने याद दिलाया कि जब कांग्रेस के अधिवेशन हुआ करते थे, तब बिना किसी विवाद के पूरा ‘वंदे मातरम’ गाया जाता था। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्रीय गीत या राष्ट्रगान को धर्म से जोड़ना उचित नहीं है, क्योंकि राष्ट्र सबसे पहले आता है और धर्म उसके बाद।
रोहन गुप्ता ने कहा कि हर भारतीय को यह समझना होगा कि देश की एकता और सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में तुष्टीकरण की राजनीति के कारण धर्म को राष्ट्र से ऊपर रखने की कोशिश की जा रही है, जो देशहित में नहीं है।
--आईएएनएस
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