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ओवैसी के बयान पर भाजपा का पलटवार, पीएम को मिला उज्बेकिस्तान का सम्मान हर भारतीय के लिए गर्व की बात​

 

नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। उज्बेकिस्तान द्वारा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च सम्मान दिए जाने पर एनडीए नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। भाजपा नेताओं ने इसे भारत के लिए गौरव का क्षण बताया है। वहीं एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा इसे 'बाबर के देश से अवार्ड' कहने पर एनडीए नेताओं ने पलटवार भी किया है।

पुणे में सांसद किरीट सोमैया ने कहा, "नरेंद्र मोदी ने हिंदुत्व को इतनी ऊंचाई पर पहुंचाया है कि पूरी दुनिया उनका सम्मान करती है।"

रायपुर में राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने कहा, "ओवैसी के बयान अक्सर देश के हितों के खिलाफ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को पूरी दुनिया में मान्यता मिली है। उन्हें 36 देशों सहित कई देशों से सर्वोच्च सम्मान मिले हैं, जो एक वैश्विक नेता के रूप में उनके कद को दर्शाता है।"

पटना में बिहार सरकार के मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा, "दुनिया के सभी देश सम्मानित नरेंद्र मोदी की विदेश नीति से प्रभावित हैं। पीएम मोदी जहां भी जाते हैं, हर देश में उनका स्वागत होता है। इससे देश का गौरव बढ़ता है।"

भोपाल में भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा, "यह सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के लिए ही नहीं, बल्कि हर भारतीय नागरिक के लिए गर्व की बात है। मोदी जी एक विश्व नेता और भारत के प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें दुनियाभर के कई देशों ने सम्मानित किया है। हम सभी को उन पर गर्व है।"

भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा, "एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को प्रधानमंत्री को मिला सम्मान पसंद नहीं आ रहा है। वह कह रहे हैं कि बाबर यहीं से आया था। अगर बाबर आया था, तो वह देश अलग है। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उस देश का सर्वोच्च सम्मान मिला है, तो यह सिर्फ पीएम मोदी का सम्मान नहीं है, बल्कि भारत का सम्मान है। पूरी दुनिया में चाहे वह राष्ट्रमंडल देश हो या कोई इस्लामिक देश, सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च सम्मान दिया है।"

मुंबई में शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा, "असदुद्दीन ओवैसी, आपको हर चीज में बाबर ही दिखता है। यही आपकी समस्या है। उज्बेकिस्तान प्रधानमंत्री का सम्मान करता है और आपको इससे दिक्कत होती है, इसलिए आप बाबर का जिक्र ले आते हैं। शायद बाबर आपके डीएनए में है और इसीलिए आप उससे आगे सोच ही नहीं पाते। आपकी सोच वहीं से शुरू और वहीं खत्म होती है। जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्रवाद और दुनिया को एक समुदाय मानने की बात करता है, तब भी आपको लगता है कि बाबर ही आपका आदर्श है।"

--आईएएनएस

पीआईएम/वीसी