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ऑर्गन डोनेशन में इंसानियत की मिसाल: मिजोरम के ब्रेन-डेड युवक ने गुजरात में दी नई जिंदगी

 

नई दिल्ली, 29 अप्रैल ( आईएएनएस)। अहमदाबाद में इंसानियत की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने लोगों का दिल छू लिया है। मिजोरम के 24 साल के युवक मोइंगसुहा के परिवार ने अपने बेटे के ब्रेन-डेड होने के बाद उसके अंग दान करने का फैसला लेकर चार लोगों को नई जिंदगी देने का काम किया है।

मिजोरम के मामित जिले के तुइपुइबारी गांव के रहने वाले मोइंगसुहा अपनी बहन से मिलने अहमदाबाद आए थे। इसी दौरान मेम्को ब्रिज के पास उनका एक गंभीर सड़क हादसा हो गया। हादसे में उनके सिर पर गहरी चोट आई, जिसके बाद उन्हें 25 अप्रैल को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद 28 अप्रैल को उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया।

इस दुखद स्थिति में भी मोइंगसुहा की मां ने हिम्मत दिखाते हुए एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने अपने बेटे के अंग दान करने की अनुमति दे दी। उनके इस फैसले ने न सिर्फ उनके बेटे की याद को अमर बना दिया, बल्कि चार जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी भी दी।

डॉक्टरों के अनुसार, मोइंगसुहा का दिल, लिवर और दोनों किडनी दान की गईं। इन अंगों का प्रत्यारोपण अहमदाबाद के यू.एन. मेहता अस्पताल और सिविल मेडिसिटी परिसर के किडनी अस्पताल में किया जाएगा। इससे चार अलग-अलग मरीजों को जीवनदान मिलेगा।

अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने इस घटना को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मिजोरम के इस परिवार का फैसला यह दिखाता है कि अब देश के हर हिस्से में अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। दुख की इस घड़ी में भी परिवार का यह निर्णय वास्तव में प्रेरणादायक है।

सिविल अस्पताल के लिए यह 238वां अंगदान है। अब तक यहां कुल 1026 अंग और ऊतक दान किए जा चुके हैं, जिनमें 212 लिवर, 439 किडनी, 76 दिल, 34 फेफड़े, 6 हाथ, 2 छोटी आंत, 194 आंखें और 44 स्किन शामिल हैं। इन अंगदानों की मदद से अब तक सैकड़ों मरीजों को नई जिंदगी मिल चुकी है।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी