CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में विपक्ष का प्रदर्शन, दिल्ली से बिहार और जम्मू-कश्मीर तक सड़कों पर उतरे नेता
देश की राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर शुरू हुआ विवाद अब देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच गया है। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली में राजघाट पहुंचे विपक्षी नेता
दिल्ली में INDIA गठबंधन के नेताओं ने लगातार तीसरे दिन विरोध प्रदर्शन किया। चुनाव आयोग के कार्यालय और जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिशों के बाद विपक्षी सांसद राजघाट पहुंचे और वहां प्रार्थना सभा के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेता मौजूद रहे। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी और राजघाट पर भीड़ जुटने को लेकर प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए।
बिहार से जम्मू-कश्मीर तक प्रदर्शन
विरोध का असर दिल्ली से बाहर भी देखने को मिला। बिहार की राजधानी पटना में राष्ट्रीय जनता दल समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उत्तर प्रदेश के बस्ती में समाजवादी पार्टी ने मार्च निकाला। वहीं, जम्मू में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से जुड़े मामलों में दर्ज FIR के विरोध में प्रदर्शन किया। विपक्षी दलों ने अलग-अलग जगहों पर चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।
SIR प्रक्रिया को लेकर विवाद
विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि इस प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटने का खतरा पैदा हो सकता है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष चुनाव आयोग से जवाब मांग रहा है और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण का बचाव करते हुए कहा है कि इसका उद्देश्य दोहराव वाली और अपात्र प्रविष्टियों को हटाना तथा पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना है। इसलिए इस विवाद में विपक्ष के आरोपों और आयोग के पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है।
आगे भी जारी रह सकता है विरोध
गुरुवार के प्रदर्शन से साफ है कि SIR और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक टकराव फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा। विपक्षी दलों ने आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में विरोध का स्वरूप क्या होगा और चुनाव आयोग इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।