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ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर हमें गर्व, पंजाब को हमेशा सतर्क रहना होगा: पूर्व डीजीपी संजीव कालरा

 

चंडीगढ़, 7 मई (आईएएनएस)। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजीव कालरा ने देश की सुरक्षा तैयारियों, बदलती युद्ध तकनीकों और जनता की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि एक भारतीय होने के नाते उन्हें इस अभियान की सफलता पर गर्व है । यह देश की सामूहिक तैयारी, समन्वय और जागरूकता का परिणाम था।

पूर्व डीजीपी संजीव कालरा ने कहा कि उन्होंने स्वयं देखा कि किस प्रकार विभिन्न विभागों ने मिलकर इस अभियान में भूमिका निभाई। अलग-अलग एजेंसियों और सुरक्षा बलों को पहले से सतर्क किया गया, उन्हें तैयार किया गया और समन्वय के साथ काम किया गया।

यह केवल सुरक्षा एजेंसियों की उपलब्धि नहीं थी, बल्कि पूरे सिस्टम की एकजुटता और तत्परता का परिणाम था। वह एक देशभक्त हैं और इसलिए वह पूरे विश्वास के साथ कहते हैं कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ बेहद सफल रहा।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा चुनौतियां कभी समाप्त नहीं होतीं और तैयारी को कभी पूर्ण नहीं माना जा सकता। आधुनिक दौर में तकनीक बहुत तेजी से बदल रही है और युद्ध का स्वरूप भी लगातार बदलता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पहली बार बड़े स्तर पर ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल को देखा गया, जिसके कारण सुरक्षा एजेंसियों को नई तरह की तैयारी करनी पड़ी। भविष्य में और भी आधुनिक तकनीकें सामने आ सकती हैं, जिनमें लंबी दूरी से हमला करने वाली मिसाइलें और उन्नत हवाई प्रणालियां शामिल हो सकती हैं। ऐसे में सुरक्षा तैयारियों को लगातार अपडेट करना बेहद जरूरी है।

संजीव कालरा ने इस अवसर पर अपनी निजी यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि वह फिरोजपुर के रहने वाले हैं और बचपन में 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान सायरनों की आवाज और लोगों को सतर्क किए जाने के दृश्य आज भी उनकी स्मृतियों में ताजा हैं।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों ने युद्ध और तनाव की परिस्थितियों को करीब से देखा है, इसलिए वहां के लोगों में सुरक्षा को लेकर स्वाभाविक सतर्कता रहती है।

पूर्व डीजीपी ने कहा कि आज के समय में जनता की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। आधुनिक युद्ध केवल सेना या पुलिस के स्तर पर नहीं लड़े जाते, बल्कि इसमें आम नागरिकों की जागरूकता और सहयोग भी जरूरी होता है। ड्रोन और हवाई तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने सुरक्षा व्यवस्था को और जटिल बना दिया है, इसलिए लोगों को भी सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत प्रशासन तक पहुंचाने की जरूरत है।

जालंधर और अमृतसर में हाल ही में हुए धमाकों की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कालरा ने कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और इसकी भौगोलिक स्थिति हमेशा इसे संवेदनशील बनाती है।

उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों से जुड़े खतरे भविष्य में भी बने रहेंगे, इसलिए पंजाब को हमेशा सतर्क रहना होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि पंजाब पुलिस हर चुनौती का सामना पूरी क्षमता और पेशेवर तरीके से करने की कोशिश कर रही है और आगे भी करती रहेगी।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी