'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर पुस्तक 'ऑपरेशन सिंदूर: 100 सर्वश्रेष्ठ कविताएं' का लोकार्पण
नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ के अवसर पर राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के समवेत हॉल में एक भव्य साहित्यिक समारोह संपन्न हुआ। इस आयोजन में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने प्रसिद्ध लेखक डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल द्वारा संपादित एवं देश के प्रतिष्ठित 'प्रभात प्रकाशन' द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'ऑपरेशन सिंदूर: 100 सर्वश्रेष्ठ कविताएं' का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व सेना अधिकारी कर्नल प्रदीप खरे, ‘आज तक’ के एक्जीक्यूटिव एडिटर एवं एंकर सईद अंसारी, वरिष्ठ हास्य-व्यंग्य कवि सुदीप भोला तथा सुप्रसिद्ध कवि एवं उत्तर प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त वीरेंद्र वत्स की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की।
मुख्य अतिथि रामबहादुर राय ने पुस्तक का विमोचन करते इस पुस्तक के संपादक डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल के रचनात्मक कार्यों की निरंतरता की सराहना की। उन्होंने कहा कि वे ऐसे रचनात्मक कार्य करते रहते हैं। राय ने अपने संबोधन में अमेरिका के रक्षा विशेषज्ञ के एक लेख का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है; वह कभी भी फिर शुरू हो सकता है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर काव्य प्रतियोगिता में भाग लेने वाले कवियों को आगे भी कविता के सृजन का अवसर मिलता रहेगा।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। पूर्व सेना अधिकारी कर्नल प्रदीप खरे ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर प्रकाशित यह कविता संग्रह 'ऑपरेशन सिंदूर सौ सर्वश्रेष्ठ कविताएं' वीरता पर प्रकाशित एक जीवंत दस्तावेज है। भारतीय सेना के शौर्य पर उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भारतीय सेना ने महज 25 मिनट में पाकिस्तान के आतंकी और सेना के नौ ठिकानों को ध्वस्त कर दिया, उसे पाकिस्तान सदियों तक नहीं भूल पाएगा।
‘आज तक’ के एक्जीक्यूटिव एडिटर एवं एंकर सईद अंसारी ने कहा कि अपने प्रकाशन के माध्यम से राष्ट्रीय भावना को दुनिया तक पहुंचाने वाले प्रभात प्रकाशन की हर पुस्तक राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत होती है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के नाम से प्रकाशित इस किताब के बारे में इतना जरूर कह सकता हूं कि इसमें प्रकाशित होने से पहले ही मैं कई कविताओं को पढ़ चुका हूं, क्योंकि इस किताब के प्रकाशन में मैं भी अप्रत्यक्ष हिस्सा रहा हूं। उन्होंने कवियों और पुरस्कार के सरोकार के साथ ही कवियों के प्रति डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल की सहृदयता की सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉ. बर्णवाल ने पुरस्कार की श्रेणी में नहीं आने वाले कवियों को भी प्रशस्ति पत्र और मानदेय देकर उनकी रचना को श्रेष्ठता की श्रेणी में ला दिया है।
इस अवसर पर डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल ने पुस्तक 'ऑपरेशन सिंदूर: 100 सर्वश्रेष्ठ कविताएं' का परिचय देते हुए इसके उद्देश्य और पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ‘एच.बी. पोएट्री’ ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया था, जिसमें देशभर के 361 कवियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज कराई। इस मंच के माध्यम से राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत कविताओं को एक सशक्त अभिव्यक्ति मिली। उन्होंने कहा कि 'एच.बी. पोएट्री' के सहयोग और प्रभात प्रकाशन के माध्यम से इस कृति में देश के 100 प्रतिष्ठित एवं नवोदित कवियों की रचनाओं को एक पटल पर लाया गया है, जो 'ऑपरेशन सिंदूर' की वीरतापूर्ण गाथा को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाएंगी।
समारोह के दौरान कई प्रमुख कवियों ने अपनी ओजस्वी रचनाओं का पाठ किया, जिससे पूरा सभागार देशभक्ति के स्वर से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम की एक मुख्य विशेषता यह रही कि इसमें देशभर के 80 से अधिक कवियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजन में साहित्य, पत्रकारिता और कला जगत की जानी-मानी हस्तियों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
--आईएएनएस
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