जन्माष्टमी पर देशभर में कृष्ण जन्मोत्सव की धूम, फुटेज में देंखे मथुरा-वृंदावन में उमड़ा आस्था का सैलाब; पुरी में 5 घंटे बंद रहेगा मंदिर
देशभर में आज यानी 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया है। मथुरा-वृंदावन से लेकर द्वारका, जगन्नाथ पुरी, दिल्ली और जयपुर तक कृष्ण भक्तों में उत्साह देखने को मिल रहा है। इस साल भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है।सुबह से ही देश के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए। मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि, द्वारका के द्वारकाधीश मंदिर, दिल्ली के इस्कॉन मंदिर और जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर में मंगला आरती की गई। मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
मथुरा-वृंदावन में 75 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में जन्माष्टमी को लेकर खास तैयारियां की गई हैं। गुरुवार रात से ही देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु मथुरा पहुंचना शुरू हो गए थे। प्रशासन के अनुमान के मुताबिक, जन्मोत्सव के दौरान मथुरा-वृंदावन समेत पूरे ब्रज मंडल में करीब 75 लाख श्रद्धालु पहुंच सकते हैं।जन्माष्टमी के मौके पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
पुरी में खास रस्म के लिए 5 घंटे बंद रहेगा मंदिर
जन्माष्टमी के अवसर पर ओडिशा के जगन्नाथ पुरी में भी विशेष धार्मिक रस्म का आयोजन होगा। इस अनुष्ठान के दौरान मुख्य मंदिर करीब 5 घंटे तक बंद रहेगा।इस खास रस्म में भगवान जगन्नाथ को मां के रूप में सजाया जाएगा और धार्मिक मान्यता के अनुसार वे श्रीकृष्ण को जन्म देंगे। इस परंपरा को देखने और इसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंच रहे हैं।
काशी विश्वनाथ से मथुरा भेजा गया खास उपहार
जन्माष्टमी से ठीक पहले शुक्रवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर से मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लिए श्री लड्डू गोपाल को विशेष उपहार भेजा गया। यह परंपरा साल 2024 में शुरू हुई थी और अब इसे आगे बढ़ाया जा रहा है।काशी से मथुरा भेजे गए इस विशेष उपहार को दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच आस्था और सांस्कृतिक संबंधों की परंपरा के रूप में देखा जा रहा है।जन्माष्टमी के अवसर पर देशभर के मंदिरों में भजन-कीर्तन, झांकियां और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन हो रहा है। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय मंदिरों में विशेष आरती और पूजा होगी। भक्त इस दौरान भगवान के जन्मोत्सव के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंचेंगे।