अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग का 11वां दिन, वीडियो में देंखे अमेरिका ने ईरान पर बड़े हमलों की दी चेतावनी
अमेरिका और इजराइल के बीच ईरान के खिलाफ जारी सैन्य तनाव का आज 11वां दिन है। इस बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने मंगलवार को ईरान पर अब तक के सबसे बड़े और सबसे तीव्र हमले की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इन हमलों में बड़ी संख्या में फाइटर जेट और बमवर्षक विमान शामिल होंगे, जो ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए लक्षित हैं। हेगसेथ ने दावा किया कि ईरान बुरी तरह से हार रहा है और उसकी सैन्य शक्ति तेजी से घट रही है।
अमेरिका की इस चेतावनी के बाद ईरान ने भी जवाब देते हुए कहा है कि वह किसी भी तरह की धमकियों से डरने वाला नहीं है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने स्पष्ट किया कि ईरानी लोग अमेरिका की धमकियों से प्रभावित नहीं होंगे। लारीजानी ने कहा कि इतिहास में कई शक्तिशाली देश और नेता ईरान को खत्म करने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन कोई भी इसमें सफल नहीं हुआ।
हेगसेथ के अनुसार, आगामी हमलों में उच्च क्षमता वाले जेट और बमवर्षक विमान तैनात किए जाएंगे, जिससे ईरान की सैन्य ठिकानों और रणनीतिक संसाधनों को निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी और इजराइली सेनाओं ने योजना बनाई है कि हमले तेज, सटीक और प्रभावी हों, ताकि ईरान की सैन्य क्षमताओं को जल्द से जल्द सीमित किया जा सके।
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी हमलों की संभावित योजना का विरोध करते हुए कहा है कि जो लोग देश को कमजोर करने या उसे खत्म करने की सोच रहे हैं, उन्हें अपने परिणामों के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए। अली लारीजानी ने कहा कि ईरान हमेशा अपने नागरिकों और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए तैयार रहेगा और किसी भी बाहरी दबाव या धमकी के आगे झुकेगा नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इजराइल की यह कूटनीतिक और सैन्य रणनीति ईरान को दबाव में लाने के उद्देश्य से की जा रही है। वहीं, ईरान की प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट होता है कि देश अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। तनाव बढ़ने के चलते क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक तेल बाजार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि अमेरिका ने अपने हमलों की तैयारी की बात कही है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और युद्ध की बजाय कूटनीति के जरिए समाधान निकालने का आग्रह किया है। संयुक्त राष्ट्र और कई प्रमुख देशों ने दोनों देशों से संवाद के जरिए संकट को शांति पूर्ण तरीके से हल करने की अपील की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह तनाव और बढ़ता है तो क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की स्थिति बन सकती है, जिससे न केवल मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ऐसे में दुनिया की नजरें अमेरिका, इजराइल और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
इस तरह, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग का 11वां दिन गंभीर तनाव और संभावित सैन्य हमलों के बीच गुजर रहा है। अमेरिका की चेतावनी और ईरान का जवाब इस संकट को और गहरा कर रहे हैं, जबकि वैश्विक समुदाय युद्ध के बजाय शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में कदम बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।