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23 अगस्त को डेयरी संघों का प्रदेशव्यापी आंदोलन, फुटेज में जाने सरकार पर बकाया भुगतान रोकने का आरोप; RCDF के खिलाफ भी खोला मोर्चा

 

राजस्थान में डेयरी संघों और राज्य सरकार के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है। जयपुर डेयरी सहित प्रदेश के कई जिला डेयरी संघों ने 23 अगस्त को प्रदेशव्यापी आंदोलन करने का ऐलान किया है। डेयरी संघों का आरोप है कि सरकार और राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) उनकी लंबित राशि का भुगतान नहीं कर रहे हैं और उनके उत्पादों की बिक्री में भी बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। इससे डेयरी संघ गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। सोमवार को जयपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में डेयरी संघों के प्रतिनिधियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

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कई जिला डेयरी संघ आंदोलन में होंगे शामिल

डेयरी संघों ने बताया कि भीलवाड़ा, अजमेर, नागौर, जोधपुर समेत प्रदेश के कई जिला डेयरी संघ 23 अगस्त को होने वाले आंदोलन में शामिल होंगे। उनका कहना है कि यह केवल किसी एक जिले का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे राज्य के सहकारी डेयरी नेटवर्क के अस्तित्व से जुड़ा मामला है।संघों का आरोप है कि मौजूदा परिस्थितियों में जिला डेयरी संघों का संचालन मुश्किल होता जा रहा है और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

बकाया भुगतान नहीं मिलने का आरोप

प्रेसवार्ता में डेयरी संघों के चेयरमैन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार "मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना" के तहत मिलने वाली राशि का भुगतान समय पर नहीं कर रही है।इसके अलावा, "बाल गोपाल योजना" के तहत भी 600 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित होने का दावा किया गया। संघों का कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण डेयरी समितियों की वित्तीय स्थिति लगातार कमजोर हो रही है।

RCDF पर भी लगाए गंभीर आरोप

डेयरी संघों ने आरोप लगाया कि RCDF न केवल बकाया राशि जारी करने में देरी कर रहा है, बल्कि जिला डेयरी संघों को अपने उत्पादों की बिक्री की पर्याप्त अनुमति भी नहीं दी जा रही। उनका कहना है कि इससे सहकारी डेयरी संस्थाओं की आय प्रभावित हो रही है और किसानों तक इसका सीधा असर पहुंच रहा है।

केंद्र सरकार की प्रस्तावित नीति पर भी जताई चिंता

प्रेसवार्ता में डेयरी संघों ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित सहकारिता संबंधी नीति पर भी चिंता जताई। उनका आरोप है कि यदि नया कानून लाकर सहकारिता विषय को राज्य सूची से हटाया जाता है, तो भविष्य में राज्य और जिला स्तर पर संचालित सहकारी समितियों के अधिकार और अस्तित्व प्रभावित हो सकते हैं।संघों का कहना है कि इससे वर्षों से संचालित सहकारी डेयरी व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

23 अगस्त को होगा शक्ति प्रदर्शन

डेयरी संघों ने स्पष्ट किया है कि 23 अगस्त को प्रदेशभर के विभिन्न जिलों में आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान सरकार से लंबित भुगतान जारी करने, डेयरी उत्पादों की बिक्री से जुड़े प्रतिबंध हटाने और सहकारी डेयरी व्यवस्था को मजबूत करने की मांग उठाई जाएगी।फिलहाल, डेयरी संघों के आरोपों पर राज्य सरकार और RCDF की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आंदोलन से पहले सरकार और डेयरी संघों के बीच कोई समाधान निकलता है या नहीं।