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ओमान तट पर हमले में देवरिया के शिवानंद की मौत, परिजनों ने मांगी आर्थिक सहायता और नौकरी

 

देवरिया, 12 जून (आईएएनएस)। ओमान तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले में उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले शिवानंद चौरसिया की मौत हो गई। शिवानंद चौरसिया को लेकर उनके परिवार में गहरा शोक और चिंता का माहौल है।

परिवार के सदस्यों ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि शिवानंद का शव जल्द से जल्द भारत लाकर उन्हें सौंपा जाए तथा परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जाए।

शिवानंद चौरसिया के परिवार का कहना है कि वह घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और उनकी आय पर ही पूरे परिवार का गुजारा चलता था। घटना के बाद से परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है। परिजनों का कहना है कि सरकार इस कठिन समय में उनकी मदद करे ताकि परिवार के सामने खड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सके।

शिवानंद की पत्नी सुशीला देवी ने भावुक होकर कहा कि उन्हें अब भी उम्मीद है कि उनके पति सकुशल घर लौट आएंगे। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी हुई है तो परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और उनके पति की कमाई से ही घर का खर्च चलता था। ऐसे में परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने से भविष्य की आर्थिक परेशानियों को कम किया जा सकता है।

वहीं, शिवानंद की मां कलावती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि शिवानंद अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं, जिनकी परवरिश और शिक्षा की जिम्मेदारी अब परिवार के सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि परिवार में शिवानंद के अलावा कोई अन्य आय का स्रोत नहीं है और इसी वजह से पूरे परिवार का भविष्य अनिश्चितता में दिखाई दे रहा है।

शिवानंद के पिता रामजी चौरसिया ने भी सरकार से सहायता की मांग करते हुए कहा कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र अब काफी हो चुकी है और इस परिस्थिति में परिवार को संभालना बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

पड़ोसी अजीत कुमार शाही ने बताया कि स्थानीय लोगों को सूचना मिली थी कि जिस जहाज पर शिवानंद कार्यरत थे, उस पर मिसाइल हमला हुआ है और इस घटना में उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि सूचना मिलने के बाद से अब तक कोई वरिष्ठ या सक्षम सरकारी अधिकारी परिवार से मिलने नहीं पहुंचा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उनका शव सम्मानपूर्वक भारत लाया जाए और परिवार में किसी व्‍यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए।

--आईएएनएस

एएसएच/डीएससी