पुरानी चेकबुक से नहीं होगा भुगतान! बैंक ने बदले नियम, जल्द बदलवाएं चेकबुक, वरना अटक सकता है पैसा
अगर आप अपनी बचत को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में लगाने के बारे में सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ज़रूरी है। रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने बैंक डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज दरों से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। RBI का यह नया नियम 1 अक्टूबर, 2026 से देश भर के सभी बैंकों में लागू हो जाएगा। इस कदम का मुख्य मकसद बैंक FD की ब्याज दरों में पूरी पारदर्शिता लाना और सभी ग्राहकों को समान अवसर और फायदे देना है।
RBI की नई गाइडलाइंस के तहत, बैंक अब एक ही बैंक की अलग-अलग शाखाओं में ग्राहकों के बीच ब्याज दरों को लेकर भेदभाव नहीं कर पाएंगे। अगर दो ग्राहक एक ही दिन, एक ही रकम, एक ही समय-सीमा (टेन्योर) और शर्तों के साथ FD खुलवाते हैं, तो बैंक उन्हें अलग-अलग ब्याज दरें नहीं दे पाएगा। दूसरे शब्दों में, शहर या बैंक शाखा के आधार पर अलग-अलग दरें मिलने की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इससे यह पक्का होगा कि आम ग्राहकों को समान और सही ब्याज दरें मिलें।
**वेबसाइट पर पूरी जानकारी देनी होगी**
नए नियमों के मुताबिक, बैंकों को अब अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर लागू सभी FD ब्याज दरों की पूरी जानकारी पहले से ही उपलब्ध करानी होगी। इससे ग्राहकों को बैंक शाखाओं में जाने की ज़रूरत कम होगी। लोग घर बैठे ही अलग-अलग समय-सीमा और जमा रकम के लिए मिलने वाली ब्याज दरों को आसानी से देख सकेंगे, जिससे अलग-अलग बैंकों की FD दरों की तुलना करना बहुत आसान हो जाएगा।
**रिटेल निवेशकों की मौजूदा FD पर क्या असर पड़ेगा?**
RBI ने साफ किया है कि जिन रिटेल निवेशकों की FD ₹3 करोड़ से कम की है, उन्हें इन बदलावों के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। नए नियमों के लागू होने का मतलब यह नहीं है कि 1 अक्टूबर से आपकी FD की ब्याज दरें अपने आप बढ़ या घट जाएंगी। आपकी मौजूदा FD की ब्याज दरों में बीच में कोई बदलाव नहीं होगा। RBI के अनुसार, ₹3 करोड़ या उससे ज़्यादा की एकमुश्त जमा राशि को 'बल्क डिपॉजिट' माना जाएगा, जिसके लिए अलग नियम लागू होंगे।