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ओडिशा में 9.80 लाख मतदाताओं के नाम हटाने पर सस्मित पात्रा ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

 

नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने ओडिशा में एसआईआर को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में चुनाव आयोग द्वारा लगभग 9.8 लाख मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया चिंताजनक है और इस तरह की बड़ी कार्रवाई पहले कभी नहीं देखी गई।

सस्मित पात्रा ने कहा कि ओडिशा के मुख्य चुनाव अधिकारी ने भी इस संबंध में शिकायतें मिलने की पुष्टि की है और माना है कि मामले में कार्रवाई की आवश्यकता है। प्रारंभिक दृष्टि से यह संकेत मिलता है कि मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जा सकते हैं। पात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि एसआईआर के लिए जरूरी अनिवार्य फील्ड वेरिफिकेशन प्रक्रिया ठीक से नहीं की गई।

नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में बीजेडी सांसद ने कहा कि उन्होंने मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिखकर बताया कि चुनाव आयोग राज्य में 980,000 मतदाताओं के नाम हटाने का लक्ष्य बना रहा है। यह प्रक्रिया हाल ही में शुरू हुई है।

सस्मित पात्रा ने कहा कि ओडिशा के इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम एक साथ कभी नहीं हटाए गए, जिससे एसआईआर प्रक्रिया पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। ओडिशा के मुख्य चुनाव अधिकारी सदगोपन ने खुद शिकायतें मिलने की बात स्वीकार की है और कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। प्रथम दृष्टया सबूतों से साफ है कि गलत तरीके से नाम हटाए जा रहे हैं। दूसरा, अनिवार्य फील्ड वेरिफिकेशन (जमीनी जांच) ठीक से नहीं हुई। तीसरा, राज्य के इतिहास में कभी 980,000 नाम एक साथ नहीं हटाए गए।

चौथा, फॉर्म-7 पर करीब 2,00,000 आपत्तियां दर्ज हैं, लेकिन इन पर कार्रवाई का समय तय नहीं है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने दोबारा वेरिफिकेशन की बात कही है, लेकिन उसकी समयसीमा स्पष्ट नहीं है। पात्रा ने कहा कि इससे ओडिशा के मतदाताओं के मन में संशय पैदा हो रहा है।

बीजेडी सांसद ने तीन मांगें रखते हुए कहा कि पूर्ण दस्तावेजी सत्यापन और फील्ड जांच के साथ आपत्तियों की सुनवाई पूरी होने तक किसी का नाम न हटाया जाए। हर विधानसभा क्षेत्र और हर बूथ स्तर पर नाम हटाए जाने वाले मतदाताओं की सूची सार्वजनिक रूप से जारी की जाए। नागरिकों को शिकायत निवारण तंत्र के जरिए अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिले।

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से अनुरोध किया है कि चुनाव आयोग तुरंत एक टीम ओडिशा भेजे। टीम मौके पर जाकर जांच करे कि यह प्रक्रिया कैसे शुरू हुई और 9,80,000 मतदाताओं के हितों की रक्षा के लिए आयोग क्या कदम उठा रहा है। पात्रा ने लिखित जवाब की मांग की है।

बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत न होने पर चिंता जताई है। पात्रा ने कहा कि 22 अप्रैल को संघर्ष-विराम (सीजफायर) की अवधि समाप्त हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर दूसरा दौर शुरू नहीं हुआ तो स्थिति युद्ध जैसी हो सकती है

उन्होंने बताया कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बंद करवाना चाहता है, जबकि ईरान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर इसे जारी रखना चाहता है। यह मुख्य कारण है कि दूसरा दौर रुका हुआ है।

पात्रा ने उम्मीद जताई कि 22 अप्रैल से पहले अमेरिका और ईरान बाबतचीत का दूसरा दौर शुरू करेंगे और कोई समझौता हो जाएगा।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी