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OBC छात्रों का दबदबा, पहली बार हर दूसरा सफल अभ्यर्थी इसी वर्ग से; वीडियो में जाने 720 में कोई नहीं ला सका पूरे अंक

 

NEET UG 2026 के नतीजों ने मेडिकल शिक्षा में सामाजिक और शैक्षणिक भागीदारी की नई तस्वीर पेश की है। इस बार के परिणामों में OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) के छात्रों का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा। परीक्षा में पंजीकरण कराने वाले अभ्यर्थियों में OBC सबसे बड़ा वर्ग रहा और सफल होने वालों में उनकी हिस्सेदारी और भी बढ़ गई। वहीं, सामान्य वर्ग की सफलता का प्रतिशत रजिस्ट्रेशन के मुकाबले कम दर्ज किया गया।

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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 16 जुलाई की देर रात जारी किए गए NEET UG 2026 के परिणामों के अनुसार, इस वर्ष करीब 20 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 11.21 लाख अभ्यर्थी मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए क्वालिफाई हुए हैं।

OBC वर्ग ने दर्ज की सबसे मजबूत सफलता

आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष कुल रजिस्ट्रेशन में OBC वर्ग की हिस्सेदारी 41.8 प्रतिशत रही, जबकि सफल अभ्ययों में यह बढ़कर 45.7 प्रतिशत हो गई। इसका मतलब है कि लगभग हर दूसरा सफल छात्र OBC वर्ग से है, जो इस वर्ग की बढ़ती शैक्षणिक भागीदारी और प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन को दर्शाता है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव उच्च शिक्षा में OBC छात्रों की बढ़ती भागीदारी और बेहतर तैयारी का संकेत माना जा सकता है।

सामान्य वर्ग की हिस्सेदारी में आई गिरावट

वहीं, सामान्य (General) वर्ग के छात्रों की हिस्सेदारी रजिस्ट्रेशन में 29.2 प्रतिशत थी, लेकिन सफल अभ्यर्थियों में यह घटकर 26 प्रतिशत रह गई। इससे स्पष्ट होता है कि इस वर्ष सफल उम्मीदवारों में सामान्य वर्ग का अनुपात पंजीकरण की तुलना में कम रहा।

EWS ने बढ़ाई सफलता, SC और ST में मामूली कमी

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा। इस वर्ग की रजिस्ट्रेशन हिस्सेदारी 7.3 प्रतिशत थी, जबकि सफल उम्मीदवारों में यह बढ़कर 8.5 प्रतिशत पहुंच गई।वहीं, अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की हिस्सेदारी रजिस्ट्रेशन में 15.2 प्रतिशत और सफल छात्रों में 14.2 प्रतिशत रही।अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए रजिस्ट्रेशन का प्रतिशत 6.6 प्रतिशत था, जबकि क्वालिफाई करने वालों में यह घटकर 5.7 प्रतिशत दर्ज किया गया।

2020 और 2021 के बाद पहली बार नहीं बना परफेक्ट स्कोर

NEET UG 2026 का एक और बड़ा पहलू यह रहा कि 2020 और 2021 के बाद पहली बार कोई भी छात्र 720 में से 720 अंक हासिल नहीं कर पाया। पिछले कुछ वर्षों में टॉप रैंक पर कई छात्रों ने पूर्ण अंक प्राप्त किए थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।विशेषज्ञों के अनुसार, यह संकेत देता है कि इस वर्ष परीक्षा का स्तर अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण रहा और शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धा पहले से अधिक कड़ी थी।

मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया होगी शुरू

अब NEET UG 2026 के परिणाम जारी होने के बाद देशभर के मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य स्वास्थ्य विज्ञान संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। सफल अभ्यर्थियों को अब ऑल इंडिया कोटा (AIQ) और राज्य स्तरीय काउंसलिंग के जरिए सीटों का आवंटन किया जाएगा।इस वर्ष के नतीजों ने न केवल प्रतिस्पर्धा का स्तर दिखाया है, बल्कि मेडिकल शिक्षा में विभिन्न सामाजिक वर्गों की भागीदारी और सफलता के बदलते रुझानों को भी सामने रखा है।