ओबीसी आरक्षण पर राहुल गांधी का पत्र सिर्फ राजनीतिक एजेंडा, आत्मचिंतन करे कांग्रेस : श्रीकांत भारती
मुंबई, 24 सितंबर (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव को ओबीसी आरक्षण को लेकर लिखे गए पत्र पर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेता श्रीकांत भारती ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए इसे पूरी तरह से 'राजनीतिक एजेंडा' करार दिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव की 'पीडीए रथ यात्रा' पर भी तंज कसा।
श्रीकांत भारती ने कहा, "राहुल गांधी ने अब ऐसे मुद्दों पर बोलना शुरू कर दिया है। यह पूरी तरह से एक राजनीतिक एजेंडा है। उन्हें ओबीसी की चिंता कब से होने लगी है? कांग्रेस पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड क्या है?"
उन्होंने कहा कि उनकी जिम्मेदारी है कि वे उन राज्यों में ओबीसी के मुद्दों को सुलझाएं, जहां वे अभी सत्ता में हैं। कर्नाटक में क्या हो रहा है? अगर वे वहां कदम नहीं उठा रहे हैं, तो वे मध्य प्रदेश के मुद्दे क्यों उठा रहे हैं? जहां तक भारतीय जनता पार्टी सरकार की बात है, हमने महाराष्ट्र और पूरे देश में ओबीसी के लिए कांग्रेस की सरकारों से कहीं ज्यादा काम किया है। राहुल गांधी को कुछ आत्मचिंतन करना चाहिए।
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की 'पीडीए रथ यात्रा' पर भाजपा नेता श्रीकांत भारती ने कहा, "अखिलेश यादव को आखिरकार हिंदुओं, हिंदू धर्म और हिंदू पूजा के तरीकों में छिपी ताकत का एहसास हो गया है। हालांकि, उत्तर प्रदेश के लोग सच्चाई जानते हैं। जब राम जन्मभूमि का मुद्दा उठ रहा था, तब समाजवादी पार्टी कहां थी? जब कृष्ण जन्मभूमि का मामला उठा, तब समाजवादी पार्टी कहां थी?"
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को इस विषय पर खुलकर बोलना चाहिए। उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को अब लगने लगा है कि अगर वे राम और कृष्ण के बारे में बात करेंगे, तो शायद वे आखिरकार उत्तर प्रदेश के लोगों को समझ पाएंगे। ऐसा नहीं होता है। उत्तर प्रदेश की जनता योगी आदित्यनाथ के साथ खड़ी है। उन्होंने 10 साल तक सरकार का काम देखा है। अगर वो इस तरह की बचकानी बातें करेंगे, तो भुगतेंगे। जहां तक यूपी के हिंदुओं का सवाल है, लोग पूरी ताकत के साथ एनडीए के साथ खड़े हैं।
श्रीकांत भारती ने विपक्ष की तरफ से चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि कांग्रेस का इतिहास और उनके नेतृत्व को लेकर लोगों में अनुभव है। देश के 140 करोड़ लोगों को ये बात समझ आ चुकी है कि यूपीए और राहुल गांधी देश की संवैधानिक संस्थानों के खिलाफ अविश्वास पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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