एनटीपीसी नेशनल रैंकिंग आर्चरी चैंपियनशिप: कटरा में जूनियर कैटेगरी की शुरुआत, देशभर से तीरंदाज ले रहे हिस्सा
कटरा, 16 सितंबर (आईएएनएस)। श्री माता वैष्णो देवी स्पोर्ट्स स्टेडियम में बुधवार को तीसरी एनटीपीसी नेशनल रैंकिंग आर्चरी चैंपियनशिप 2026 की जूनियर कैटेगरी शुरू हुई। जम्मू-कश्मीर आर्चरी एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस नेशनल लेवल की चैंपियनशिप में देश भर से बड़ी संख्या में तीरंदाज हिस्सा ले रहे हैं।
कटरा के एसपी कामेश्वर पुरी उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए, जबकि कटरा के एसडीपीओ डॉ. भीष्म दुबे सम्मानित अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। इस चैंपियनशिप में कई नेशनल और इंटरनेशनल मेडल जीतने वाले एथलीट, अर्जुन अवॉर्ड विजेता और ओलंपिक लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले तीरंदाज शामिल हैं।
इस मौके पर पैरा-आर्चर शीतल देवी ने कहा, "मुझे बहुत खुशी है कि मैंने इसी मैदान से अपना सफर शुरू किया था और आज यहां एक टूर्नामेंट हो रहा है। यह वाकई बहुत खास लग रहा है। मैं यहां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी। मैं सभी से कहना चाहती हूं कि कोई भी अक्षम नहीं होता; बस कड़ी मेहनत की जरूरत होती है।"
जम्मू-कश्मीर आर्चरी एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि वर्तमान में करीब 300 जूनियर खिलाड़ी उनके साथ जुड़े हुए हैं। देश के अलग-अलग राज्यों से बच्चे यहां आकर प्रशिक्षण ले रहे हैं।
उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को आर्चरी से जोड़ने की अपील करते हुए कहा कि यह खेल बच्चों के भविष्य के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करता है। आर्चरी से न केवल शारीरिक क्षमता मजबूत होती है, बल्कि मानसिक मजबूती और एकाग्रता भी बढ़ती है। उनका कहना था कि बिना फोकस के इस खेल में सफलता हासिल नहीं की जा सकती, इसलिए यह बच्चों के सर्वांगीण विकास में मदद करता है।
वहीं, एसपी कामेश्वर पुरी ने कहा कि इस कार्यक्रम का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर आर्चरी एसोसिएशन करीब 700 प्रतिभाशाली बच्चों को एक मंच पर लाकर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित कर रही है। इनमें से लगभग 250 खिलाड़ियों को एसोसिएशन की ओर से सहायता भी दी जा रही है। उनके अनुसार, खेलों को बढ़ावा देने का यह एक शानदार तरीका है।
उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ये बच्चे अपनी कड़ी मेहनत के दम पर उस स्तर तक पहुंचे हैं, जहां वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचों को भी इस सफलता का श्रेय दिया, जिन्होंने उन्हें सही दिशा दिखाई।
--आईएएनएस
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