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एनएसडीएफ और साई ने इंडियन ऑयल के साथ की साझेदारी, भारत में बॉक्सिंग टैलेंट को निखारने पर होगा फोकस

 

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। नेशनल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फंड (एनएसडीएफ), स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने भारत में बॉक्सिंग को मजबूत करने के लिए एक साझेदारी की है। यह साझेदारी टैलेंट की पहचान और एथलीट के विकास पर केंद्रित एक व्यवस्थित प्रोग्राम के जरिए काम करेगी।

केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के रणनीतिक इस्तेमाल पर जोर दिया। इस बात का जिक्र नई 'खेलो इंडिया स्कीम' में भी किया गया है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी थी।

डॉ. मंडाविया ने कहा, "नई खेलो इंडिया स्कीम के तहत सरकार कॉर्पोरेट पार्टनर के साथ सहयोग बढ़ा रही है। सीएसआर समर्थित ऐसी पार्टनरशिप से एक सचमुच राष्ट्रीय खेल इकोसिस्टम बनाने में मदद मिलेगी। यह एमओयू तब साइन किया गया है, जब पब्लिक एंटरप्राइजेज विभाग के 'कॉमन सीएसआर थीम फ्रेमवर्क' के तहत खेलों को एक खास थीम वाले क्षेत्र के तौर पर शामिल किया गया है। यह खेल विकास में कॉर्पोरेट की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

इस पार्टनरशिप के तहत इंडियन ऑयल दो साल में 40 करोड़ रुपए देगा। यह पैसा टैलेंट की पहचान एथलीट के विकास, कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस, इंटरनेशनल एक्सपोजर, बॉक्सिंग अकादमियों को मजबूत करने और कोच, रेफरी व टेक्निकल अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा।

डॉ. मंडाविया ने कहा, "यह एमओयू खेलों में कॉर्पोरेट सेक्टर की भागीदारी पक्की करता है। सिर्फ बॉक्सिंग में ही नहीं, बल्कि हर खेल में कॉर्पोरेट को आगे आना चाहिए और मदद करनी चाहिए। शुरुआती विकासशील दौर में खेल को सहारे की जरूरत होती है। इसके बाद में जब इकोसिस्टम आकार ले लेता है, तो वह खुद-ब-खुद चलने लगता है और निवेश भी आने लगता है।"

डॉ. मंडाविया ने कहा, "आर्थिक मदद के अलावा बॉक्सिंग का एक पूरा इकोसिस्टम बनाने के लिए टैलेंट की पहचान और इक्विपमेंट, स्पोर्ट्स साइंस, सुविधाओं, कोच के विकास और रेफरी की ट्रेनिंग में निवेश की जरूरत होती है।"

मंगलवार को साइन किए गए एमओयू का मकसद इंडियन ऑयल की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मदद, खेल विकास के लिए संसाधन जुटाने में एनएसडीएफ की भूमिका और साई की तकनीकी विशेषज्ञता को एक साथ लाना है।इससे मुक्केबाजों को अच्छी कोचिंग, वैज्ञानिक मदद, ट्रेनिंग की सुविधाएं और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबले के मौके मिलेंगे।

यह पार्टनरशिप भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक अहम समय पर हुई है। 2026 के एशियन गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों ने छह मेडल जीते, जिनमें तीन गोल्ड और तीन ब्रॉन्ज मेडल शामिल थे। इस पहल का मकसद उभरते और बेहतरीन मुक्केबाजों के लिए विकास का रास्ता मजबूत करके इस प्रदर्शन को और बेहतर बनाना है। यह एमओयू केंद्रीय खेल मंत्री, सचिव (खेल) हरि रंजन राव, खेल मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय सिंह और इंडियन ऑयल की एचआर डायरेक्टर रश्मि गोविल की मौजूदगी में साइन किया गया।

भारत सरकार द्वारा 1998 में चैरिटेबल एंडोमेंट्स एक्ट, 1890 के तहत स्थापित नेशनल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फंड (एनएसडीएफ), खेल के विकास के लिए लोगों और कॉर्पोरेट संस्थाओं से संसाधन जुटाने में मदद करता है। यह फंड सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की संस्थाओं के साथ साझेदारी के जरिए एथलीट के विकास, खेल इंफ्रास्ट्रक्चर, अकादमियों, खास कोचिंग, उपकरण और इंटरनेशनल एक्सपोजर से जुड़ी पहलों को सपोर्ट करता है।

--आईएएनएस

एसएम/वीसी