एनपीसीएल के बिजली पोल से लोहे की एंगल चोरी का खुलासा, पुलिस ने चार शातिर चोरों को दबोचा
ग्रेटर नोएडा, 5 अगस्त (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर की पुलिस ने एनपीसीएल के बिजली पोल से लोहे की एंगल चोरी करने वाले चार शातिर चोरों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई करीब 50 किलोग्राम वजनी लोहे की एंगल, घटना में प्रयुक्त टाटा ऐस लोडर वाहन, एक सीढ़ी, एक जोड़ी इलेक्ट्रिक फ्री ग्लव्स तथा तीन हेलमेट बरामद किए हैं।
पुलिस ने बरामदगी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, 4 अगस्त की रात थाना सूरजपुर क्षेत्र में आरसी ग्रीन के पास स्थित एनपीसीएल के बिजली पोल से अज्ञात चोरों ने लोहे की एंगल चोरी कर ली थी। मामले की जानकारी मिलने पर एनपीसीएल के अधिकृत अधिकारी (जेई) ने थाना सूरजपुर में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। इस संबंध में थाना सूरजपुर पर मामला पंजीकृत किया गया था।
घटना के खुलासे के लिए सूरजपुर की पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मिग्सन विलासा रोड पर घेराबंदी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उनके कब्जे से चोरी की गई लोहे की एंगल, टाटा ऐस लोडर, एक सीढ़ी, तीन हेलमेट और एक जोड़ी इलेक्ट्रिक फ्री ग्लव्स बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तुषार सैनी (20 वर्ष), सुरेन्द्र सिंह (35 वर्ष), शिवा यादव (23 वर्ष) और आदित्य राज (23 वर्ष) के रूप में हुई है।
चारों वर्तमान में सिग्मा-1, थाना दादरी क्षेत्र में रह रहे थे, जबकि उनके मूल निवास क्रमशः अमरोहा, मैनपुरी और हाथरस जिलों में हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए पहले से तैयारी करके आए थे। बिजली के पोल से लोहे की एंगल निकालने के लिए उन्होंने सीढ़ी और सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया तथा चोरी किए गए सामान को टाटा ऐस लोडर में लादकर ले जा रहे थे। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए चोरी का माल बरामद कर लिया और पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया।
सूरजपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है तथा यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने इससे पहले भी इस प्रकार की चोरी की अन्य घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।
--आईएएनएस
पीकेटी/डीकेपी