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अब इंदिरा गांधी नहर का भी नाम बदलने की हो रही मांग, 1920 में बीकानेर के महाराजा ने बनवाया था

 

इंदिरा गांधी नहर भारत की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजनाओं में से एक है। इसे पहले राजस्थान नहर (Rajasthan Canal) के नाम से जाना जाता था। यह नहर राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में पानी पहुंचाकर वहां की कृषि और जीवन व्यवस्था को बदलने वाली ऐतिहासिक परियोजना साबित हुई है।

निर्माण और इतिहास

इंदिरा गांधी नहर परियोजना की शुरुआत 1958 में हुई थी। इसका उद्देश्य पंजाब के सतलुज और ब्यास नदियों के अतिरिक्त जल को राजस्थान के सूखे और मरुस्थलीय क्षेत्रों तक पहुंचाना था। इस परियोजना का नाम भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम पर रखा गया।

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इस नहर का निर्माण पंजाब के हरिके बैराज से शुरू होता है, जहां सतलुज और ब्यास नदियों का पानी एकत्र किया जाता है। यहां से नहर राजस्थान के कई जिलों से होकर गुजरती है।

लंबाई और विस्तार

इंदिरा गांधी नहर की कुल लंबाई लगभग 650 किलोमीटर है। इसकी मुख्य नहर और शाखाओं का जाल हजारों किलोमीटर तक फैला हुआ है। यह नहर मुख्य रूप से राजस्थान के पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में पानी पहुंचाती है।

इसके लाभ वाले प्रमुख जिले हैं:

  • श्रीगंगानगर
  • हनुमानगढ़
  • बीकानेर
  • जैसलमेर
  • बाड़मेर
  • चूरू
  • जोधपुर के कुछ क्षेत्र

राजस्थान में बदलाव

जहां कभी केवल रेगिस्तान और सूखा दिखाई देता था, वहां इंदिरा गांधी नहर आने के बाद खेती संभव हुई। इस परियोजना से लाखों हेक्टेयर भूमि सिंचित हुई और गेहूं, सरसों, कपास, गन्ना जैसी फसलों का उत्पादन बढ़ा।

नहर के कारण कई नए गांव बसे और लोगों को पीने का पानी भी उपलब्ध हुआ। पश्चिमी राजस्थान में हरियाली बढ़ाने और मरुस्थलीकरण रोकने में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

महत्व

इंदिरा गांधी नहर को राजस्थान की "जीवन रेखा" कहा जाता है। यह केवल सिंचाई का साधन नहीं है, बल्कि राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास का आधार भी है।

इसके प्रमुख फायदे:

  • कृषि उत्पादन में वृद्धि
  • पेयजल की उपलब्धता
  • पशुपालन को बढ़ावा
  • रोजगार के अवसर
  • रेगिस्तानी क्षेत्रों में बसावट का विकास

चुनौतियां

हालांकि इस परियोजना से राजस्थान को काफी लाभ मिला है, लेकिन इसके साथ कुछ समस्याएं भी सामने आई हैं। कई क्षेत्रों में जलभराव और भूमि में लवणीयता (खारापन) की समस्या बढ़ी है। इसके अलावा पानी के उचित प्रबंधन और संरक्षण की जरूरत लगातार बनी हुई है।

कुल मिलाकर इंदिरा गांधी नहर राजस्थान के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में से एक है, जिसने थार के रेगिस्तान में विकास और जीवन की नई संभावनाएं पैदा की हैं।