नोएडा हादसा: जांच में जुटी एसआईटी, इंजीनियर के पिता ने बताया आंखों देखा हाल, पांच दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
नोएडा, 20 जनवरी (आईएएनएस)। नोएडा के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में अब जांच तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) मंगलवार को नोएडा पहुंची और पूरे मामले की गहन जांच-पड़ताल शुरू की। इस हादसे में लापरवाही के आरोप गंभीर हैं और एसआईटी को पांच दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी है।
सीएम योगी ने घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटा दिया है, जबकि एक जूनियर इंजीनियर की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। मंगलवार दोपहर करीब सवा 12 बजे एसआईटी की टीम नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर पहुंची। एडीजी मेरठ जोन भानू भास्कर की अगुवाई में प्राधिकरण के बोर्ड रूम में लगभग तीन घंटे तक बैठक चली। बैठक में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम और नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ कृष्णा करुणेश से सवाल-जवाब किए गए।
विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारी फाइलों के साथ बोर्ड रूम के बाहर मौजूद रहे और जरूरत के अनुसार उन्हें अंदर बुलाकर जानकारी ली गई। बैठक के दौरान मृतक युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता को भी बुलाया गया। करीब आधे घंटे तक एसआईटी अधिकारियों ने उनसे बातचीत की।
राजकुमार मेहता ने बताया कि हादसे की रात उन्होंने अपनी आंखों के सामने अपने बेटे को कार के साथ पानी में डूबते देखा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर करीब 80 कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन कोई भी पानी में उतरकर युवराज को बचाने की कोशिश नहीं कर रहा था। उस रात का पूरा घटनाक्रम उन्होंने एसआईटी के सामने विस्तार से रखा, जिसे जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। बयान दर्ज करने के बाद पुलिस सुरक्षा में उन्हें घर भेज दिया गया।
बैठक के बाद एसआईटी टीम संबंधित अधिकारियों के साथ सेक्टर-150 स्थित घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां से कार सीधे पानी में गिरी थी। सड़क के उस टर्न का भी अवलोकन किया गया, जहां किसी प्रकार के रोड सेफ्टी फीचर मौजूद नहीं थे। प्लॉट, आसपास की सड़क व्यवस्था और बिल्डर से जुड़ी जानकारियां भी जुटाई गईं।
एडीजी भानू भास्कर ने बताया कि जांच तीन राउंड में पूरी की जाएगी। पहले दिन दो राउंड पूरे कर लिए गए हैं—पहला प्राधिकरण में बैठक और दूसरा मौका मुआयना। तीसरे राउंड में घटना से जुड़े सभी प्रत्यक्ष और परोक्ष गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे सिविक अथॉरिटी हो या पुलिस अथॉरिटी, सभी की भूमिका की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में पुलिस, अग्निशमन विभाग और प्रशासन के कई अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि जांच रिपोर्ट आने के बाद और भी अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
--आईएएनएस
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