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UPI MDR शुल्क के विरोध में 2 और 15 अक्टूबर को ‘नो UPI डे’, वीडियो में जाने व्यापारी नहीं लेंगे डिजिटल पेमेंट

 

UPI पेमेंट पर प्रस्तावित MDR शुल्क को लेकर व्यापारिक संगठनों और सरकार के बीच बहस तेज होती दिखाई दे रही है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (BUVM) ने प्रस्तावित शुल्क के विरोध में देशभर में आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन ने 2 अक्टूबर और 15 अक्टूबर को ‘नो UPI डे’ मनाने का फैसला किया है। इन दोनों दिनों में आंदोलन में शामिल व्यापारी UPI के जरिए भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे।ऐसे में ग्राहकों को इन तारीखों पर खरीदारी के दौरान भुगतान के लिए नकदी या कार्ड साथ रखने की सलाह दी गई है। व्यापारियों के आंदोलन से उन ग्राहकों को परेशानी हो सकती है, जो आमतौर पर छोटे-बड़े सभी भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं।

17 राज्यों के व्यापारिक प्रतिनिधियों से हुई बैठक

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BUVM के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता के मुताबिक, बुधवार को देशभर के करीब 17 राज्यों के व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक हुई। बैठक में UPI पर प्रस्तावित MDR शुल्क और इसके संभावित प्रभावों को लेकर चर्चा की गई।बैठक के बाद संगठन ने आंदोलन का कार्यक्रम तय किया। इसके तहत 2 अक्टूबर को देशभर में ‘नो UPI डे’ के साथ आंदोलन की शुरुआत होगी। इसके बाद 10 अक्टूबर को स्थानीय स्तर पर धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे।

15 अक्टूबर को फिर नहीं स्वीकार करेंगे UPI

व्यापारिक संगठन ने 15 अक्टूबर को एक बार फिर ‘नो UPI डे’ मनाने का फैसला किया है। इस दौरान आंदोलन में शामिल व्यापारी UPI से भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे। संगठन का कहना है कि व्यापारियों पर MDR शुल्क नहीं लगाया जाना चाहिए।व्यापारियों के मुताबिक, UPI छोटे कारोबारियों और ग्राहकों के लिए डिजिटल भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में इस पर किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क कारोबारियों की लागत बढ़ा सकता है। इसी मुद्दे को लेकर संगठन ने सरकार और संबंधित पक्षों के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराने का फैसला किया है।

मांग नहीं मानी तो आंदोलन जारी रखने का फैसला

भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि व्यापारियों पर से प्रस्तावित MDR शुल्क नहीं हटाया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। संगठन की ओर से आने वाले दिनों में आंदोलन के अगले चरणों की घोषणा की जा सकती है। aइस बीच ग्राहकों के लिए 2 और 15 अक्टूबर की तारीखें महत्वपूर्ण हैं। यदि वे ‘नो UPI डे’ के आंदोलन में शामिल किसी दुकान या प्रतिष्ठान से खरीदारी करते हैं तो वहां UPI भुगतान स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में खरीदारी के लिए कैश या कार्ड का विकल्प साथ रखना उपयोगी रहेगा।