भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान, वीडियो में देंखे नितिन नवीन ने 65 पदाधिकारियों को दी जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पद संभालने के 209 दिन बाद अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। सोमवार को जारी की गई इस टीम में कुल 65 सदस्यों को जगह दी गई है। नई टीम में कई बड़े नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं, जबकि कुछ पुराने चेहरों की वापसी भी हुई है।
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को महासचिव बनाया गया है। वहीं, राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर संगठन में दोबारा सक्रिय भूमिका दी गई है। इसके अलावा राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर बनी रहेंगी। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी अपने पद पर बने रहेंगे।
नई कार्यकारिणी में संगठन और चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए कई बदलाव किए गए हैं। भाजपा IT सेल के प्रभारी अमित मालवीय को पद से हटाया गया है। उनकी जगह दीपक म्हस्के को IT सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी ने सोशल मीडिया और डिजिटल संगठन को मजबूत करने के लिए नए चेहरों को भी मौका दिया है।
नितिन नवीन की नई टीम में महिलाओं को भी खास प्रतिनिधित्व दिया गया है। कार्यकारिणी में कुल 12 महिलाओं को जिम्मेदारी मिली है। इनमें वसुंधरा राजे, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन दोशी, भारती पवार और मधुचंद्र कर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं स्मृति ईरानी को महासचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा कविता पाटीदार, फांग्नोन कोन्यक और संगीता यादव को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है। महिला मोर्चा की कमान रूप कुमारी चौधरी को सौंपी गई है, जबकि प्रीति गांधी को सोशल मीडिया सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश भी नजर आ रही है। उत्तर प्रदेश से दो मुस्लिम नेताओं तारिक मंसूर और बासित अली को शामिल किया गया है। पार्टी ने इनके जरिए अल्पसंख्यक समुदाय तक अपनी पहुंच को मजबूत करने का संदेश दिया है।नई कार्यकारिणी में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 महासचिव, 16 राष्ट्रीय सचिव और 28 अन्य सदस्य शामिल हैं। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम को आगामी चुनावों और संगठन विस्तार की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, नई टीम में अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। पुराने अनुभवी नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देते हुए नए चेहरों को भी संगठन में आगे बढ़ाया गया है। अब नई टीम के सामने पार्टी के संगठन को और मजबूत करने तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने की जिम्मेदारी होगी।