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भारतीय पायलट पर कॉकपिट में हमले के बाद NIA की एंट्री: फ्लाईदुबई केस में UAPA की गंभीर धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस

 

फ्लाईदुबई की एक उड़ान में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित हमले और विमान को हाईजैक या क्रैश करने की कोशिश के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने FIR दर्ज की है। एजेंसी ने इस मामले में एंटी-हाइजैकिंग एक्ट और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की गंभीर धाराएं लगाई हैं।जांच एजेंसी के मुताबिक, यह मामला अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन की सुरक्षा से जुड़ा है। घटना में भारतीय पायलट प्रभावित हुए हैं, इसलिए इसकी गंभीरता को देखते हुए जांच NIA को सौंपी गई है।

NIA ने किन धाराओं के तहत दर्ज की FIR?

NIA ने 9 अक्टूबर 2026 को इस मामले में RC-34/2026/NIA/DLI के तहत केस दर्ज किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, FIR में एंटी-हाइजैकिंग एक्ट, 2016 की धारा 3 और UAPA की धारा 15(1)(a) तथा 16 शामिल हैं।इन धाराओं का संबंध विमान अपहरण और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े आरोपों से है। हालांकि, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की वास्तविक प्रकृति और आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

क्या है फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुई घटना?

जानकारी के मुताबिक, 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट संख्या FZ-1073 दुबई से सुबह 7:05 बजे रवाना हुई थी। विमान में 174 यात्री और चालक दल के 6 सदस्य सवार थे। विमान की कमान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार और एक ओमानी फर्स्ट ऑफिसर के पास थी।रिपोर्ट के अनुसार, सुबह करीब 9:21 बजे जॉर्डन और सऊदी अरब की सीमा के पास विमान अचानक नीचे की ओर जाने लगा। इसके बाद विमान वापस सऊदी हवाई क्षेत्र की ओर मुड़ गया। इस असामान्य घटनाक्रम के बाद विमान में मौजूद लोगों के बीच चिंता बढ़ गई।

भारतीय पायलट पर चाकू से हमला करने का आरोप

यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के बयानों के मुताबिक, ओमानी फर्स्ट ऑफिसर पर आरोप है कि उसने विमान को हाईजैक करने या क्रैश करने की कोशिश के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया।इस हमले में कैप्टन मच्छार के सिर और हाथों पर गंभीर चोटें आने की जानकारी सामने आई। स्थिति बिगड़ने पर यात्रियों और क्रू सदस्यों ने कथित तौर पर मिलकर आरोपी फर्स्ट ऑफिसर को काबू किया।यह मामला विमान में यात्रियों की सुरक्षा और उड़ान संचालन से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

दूसरे पायलटों ने संभाला विमान, सऊदी अरब में सुरक्षित लैंडिंग

घटना के दौरान फ्लाइट के अन्य पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला। रिपोर्ट के अनुसार, विमान को सुबह करीब 10:45 बजे सऊदी अरब के ताबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअज़ीज़ एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।लैंडिंग के बाद सऊदी अधिकारियों ने कथित आरोपी फर्स्ट ऑफिसर को हिरासत में ले लिया। इसके बाद मामले की जांच और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

NIA को क्यों सौंपी गई जांच?

इस मामले को अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला माना जा रहा है। विमान में भारतीय पायलट पर हमले और विमान को हाईजैक या क्रैश करने की कथित कोशिश के आरोपों के चलते केंद्रीय स्तर पर जांच की जरूरत महसूस की गई।NIA अब घटना से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों, यात्रियों और चालक दल के बयानों तथा अन्य संबंधित पहलुओं की जांच करेगी। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि विमान में वास्तव में क्या हुआ, कथित हमले के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और क्या यह घटना किसी बड़ी साजिश से जुड़ी थी।फिलहाल, मामले में दर्ज FIR आरोपों की जांच की शुरुआत है। घटना की अंतिम तस्वीर जांच के निष्कर्षों और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी।