न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में भारतीय खिलाड़ियों को मुश्किल होगी, तेज गेंदबाज अहम भूमिका निभाएंगे: जेम्स पैमेंट
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुंबई इंडियंस के पूर्व फील्डिंग कोच जेम्स पैमेंट ने कहा है कि जब न्यूजीलैंड-भारत टी20 सीरीज शुरू होगी, तो भारत के खिलाड़ियों को थोड़ा झटका लगेगा। उन्होंने बताया कि मैच रात 8 बजे शुरू होंगे। उस समय तापमान दस डिग्री के आसपास होगा, जो भारतीय टीम के लिए मुश्किल खड़ी करेगा।
पैमेंट ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा, "हाल के वर्षों में इंटरनेशनल टीमों ने इस समय अवधि में न्यूजीलैंड का दौरा बहुत कम किया है। भारतीय टीम ने तो बहुत ही कम दौरा किया है। इंडियन लड़कों के लिए यह थोड़ा शॉक होगा, जब वे यहां पहुंचेंगे और यहां के हालात से तालमेल बैठाएंगे।"
उन्होंने कहा, "टी20 सीरीज में ज्यादातर जगहों पर लगभग अंधेरा होगा। तापमान लगभग 10 डिग्री के आसपास होगा। ठंड होगी, ओस होगी। मुझे लगता है कि टी20 मैचों के लिए हालात निश्चित रूप से सीम बॉलिंग के लिए सही होंगे।"
उन्होंने कहा, "मेजबान टीम भी मैच के लिए उतनी तैयार नहीं है, क्योंकि यह सीरीज न्यूजीलैंड के डोमेस्टिक सीजन के शुरू होने से पहले ही शुरू हो रही है। डोमेस्टिक क्रिकेट शुरू होने से पहले इस सीरीज का शुरू होना काफी अनोखा है। बहुत सारे लड़के दुनिया भर की अलग-अलग लीग में खेल रहे हैं, और उनमें से कई ए टूर पर भी गए हैं। दोनों टीमों के लिए यह स्थिति एक जैसी है। मुझे लगता है कि न्यूजीलैंड के लड़कों को शायद इसकी थोड़ी ज्यादा आदत हो जाएगी।"
पैमेंट ने कहा कि सीरीज में तेज गेंदबाजी खास भूमिका निभाएगी।
यह पूछे जाने पर कि न्यूजीलैंड की पिचें उन सपाट सतहों की तुलना में कैसी होंगी, जहां भारत, जो अभी टी20 वर्ल्ड कप जीत चुका है, ने हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ सीरीज खेली थी, पैमेंट ने कहा कि बल्ले और गेंद के बीच ज्यादा बेहतर मुकाबला होगा।
उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड पिछले कुछ सालों से अपने टी20 मैचों के लिए अच्छी क्रिकेट पिचें तैयार करने में बहुत अच्छा रहा है। हालांकि, इससे सीम बॉलिंग को कुछ फायदा होगा। हम जानते हैं कि सफेद गेंद के साथ अगर आप पहले तीन-चार ओवरों में इसे बहुत समझदारी से इस्तेमाल करते हैं, तो आप खेल में थोड़ी बढ़त हासिल कर सकते हैं। अगर आप इसका अच्छा इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो विकेट शॉट लगाने के लिए अच्छे होंगे। उन विकेटों की तुलना में थोड़ी ज्यादा मदद मिलेगी, जिन पर भारतीय टीम ने अपने देश में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। वे काफी फ्लैट सरफेस रहे हैं और बैट्समैन का दबदबा रहा है। यहां गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच अच्छा मुकाबला होगा।
पैमेंट ने कहा कि टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चिंता फील्डिंग रही है और इस वजह से टीम टी20 में फंस सकती है।
उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि वे टी20 सीरीज में चार अलग-अलग वेन्यू का इस्तेमाल करेंगे, जिनमें हेगले के दो गेम होंगे। आप तैयारी में समय नहीं लगा सकते। आजकल, इन लोगों को किसी वेन्यू पर जाकर ट्रेनिंग करने के लिए ज्यादा समय नहीं मिलता, क्योंकि आप लगभग दो दिन पहले पहुंचते हैं, एक दिन पहले ट्रेनिंग करते हैं, और फिर खेलते हैं, और आगे बढ़ जाते हैं। उन्हें पूरे आत्मविश्वास के साथ खेलना होगा।"
पैमेंट ने कहा, "अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग स्थितियां होती हैं। इसकी आदत जल्दी डालना बहुत मुश्किल होता है। मैं जब मुंबई इंडियंस के साथ आईपीएल में था, तो मैं सच में खिलाड़ियों को हिम्मत देने की कोशिश करता था, खासकर अगर उन्होंने पहले उन जगहों पर नहीं खेला हो, कि वे अगली शाम के गेम में जो अनुभव कर सकते हैं, उसे दोहराने की कोशिश करें। यह बस अपनी फील्डिंग पोजीशन को जानने के लिए है। अगर गेंद जमीन पर आ रही है, तो वह आपकी ओर कैसे आती है, और अलग-अलग स्तर पर आने वाले फ्लैट और ऊंचे कैच की आदत डालें।"
उन्होंने कहा कि पिछले साल दुबई में एशिया कप में बांग्लादेश के साथ अपने समय के दौरान खुद देखा है कि रोशनी में फील्डिंग यूनिट के साथ क्या हो सकता है। यह बहुत जरूरी होगा कि अगर खिलाड़ी काबिल फील्डर बनना चाहते हैं, तो वे उस तरह का काम करें, ताकि वे टीम को निराश न करें।
पैमेंट ने कहा, "मैंने ज्यादा परफॉर्मेंस नहीं देखी हैं, मैंने भारतीयों के स्कोरकार्ड देखे हैं। मुझे पता है कि हाल ही में उनकी फील्डिंग की खास जिम्मेदारियों के लिए कोच बदला है। ये सभी लोग बहुत सक्षम फील्डर हैं। कभी-कभी एकाग्रता और आत्मविश्वास प्रदर्शन पर असर डाल सकते हैं। अगर फील्डिंग के हालात मुश्किल हैं, गेंद गीली है और जमीन फिसलन वाली है, तो इसका असर उनके प्रदर्शन पर भी पड़ सकता है।"
उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड की सीरीज को बहुत पसंद किया जाएगा। यह बहुत दिलचस्प होगा।
--आईएएनएस
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