परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकेगा नया 'स्मार्ट सिस्टम': राजस्थान में बनेगी हर युवा की डिजिटल प्रोफाइल, बजट में खास प्रावधान
राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए 2026-27 के बजट में भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा बड़ा ऐलान किया गया है। राज्य सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA की तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी बनाने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य राज्य में भर्ती परीक्षाओं को ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से आयोजित करना है। इसके साथ ही अलग-अलग जिलों में ऑनलाइन टेस्टिंग सेंटर विकसित करने की भी योजना बताई गई है।
परीक्षा व्यवस्था में आएगा डिजिटल बदलाव
राजस्थान में भर्ती प्रक्रिया पहले से ही डिजिटल सिस्टम से जुड़ रही है। आधिकारिक राजस्थान रिक्रूटमेंट पोर्टल पर उम्मीदवारों के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन यानी OTR, सिंगल साइन-ऑन और आधार, जन-आधार व कर्मचारी आईडी से इंटीग्रेशन जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। भर्ती से लेकर आवेदन, एडमिट कार्ड, परीक्षा, आंसर-की, रिजल्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन तक कई चरणों को एक ही डिजिटल सिस्टम से जोड़ा गया है।यानी आने वाले समय में अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी को अलग-अलग जगह संभालने की जरूरत कम हो सकती है। पोर्टल पर उम्मीदवारों को SSO डैशबोर्ड, ईमेल, SMS और WhatsApp के जरिए भी जानकारी देने की व्यवस्था की गई है।
पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी रोकने पर फोकस
नई स्टेट टेस्टिंग एजेंसी का एक बड़ा उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं के आयोजन को एक व्यवस्थित ढांचे में लाना है। बजट घोषणा के अनुसार एजेंसी NTA की तर्ज पर काम करेगी और भर्ती परीक्षाओं के संचालन की जिम्मेदारी संभालेगी। ऑनलाइन टेस्टिंग सेंटर बनाए जाने से कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं का नेटवर्क भी मजबूत करने की योजना है।
हालांकि, हर युवा की अलग डिजिटल प्रोफाइल बनाने और इस व्यवस्था की सभी तकनीकी डिटेल्स को लेकर अंतिम आधिकारिक नियम या पूरा सिस्टम अभी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है। इसलिए इसे फिलहाल प्रस्तावित/विकसित होती डिजिटल भर्ती व्यवस्था के रूप में समझना सही होगा।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी डिजिटल
राजस्थान रिक्रूटमेंट पोर्टल पर DigiLocker और राजस्थान के e-Vault से लिंक की सुविधा भी दी गई है। इसके जरिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में नंबर आधारित ऑटोमैटिक ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था की गई है। इससे भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच को डिजिटल बनाने में मदद मिल सकती है।
युवाओं के लिए बजट में रोजगार पर भी फोकस
2026-27 के राजस्थान बजट में केवल परीक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि युवाओं के रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े कई ऐलान भी किए गए हैं। मुख्यमंत्री युवा एवं रोजगार योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया गया है, जिससे करीब 30 हजार युवाओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है। साथ ही 1 लाख युवाओं को 10 लाख रुपये तक के कर्ज पर ब्याज सहायता देने की घोषणा की गई है।
अब युवाओं की नजर नई व्यवस्था पर
राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए आने वाले समय में भर्ती प्रक्रिया में कई डिजिटल बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नई स्टेट टेस्टिंग एजेंसी, ऑनलाइन टेस्टिंग सेंटर, OTR, डिजिटल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और भर्ती प्रक्रिया की ऑनलाइन ट्रैकिंग जैसे कदमों का मकसद पूरी प्रक्रिया को एक डिजिटल ढांचे में लाना है।हालांकि, नई स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की पूरी कार्यप्रणाली, डिजिटल प्रोफाइल से जुड़ी विस्तृत व्यवस्था और लागू होने की समयसीमा को लेकर सरकार की ओर से आगे आने वाली आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।