मंगेतर की हत्या के मामले में नए खुलासे, सोशल मीडिया पर दिखता था गहरा प्यार; CCTV फुटेज ने बढ़ाई जांच की दिशा
पुणे में मंगेतर की हत्या के मामले में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। 20 वर्षीय सिया गोयल और केतन अग्रवाल के रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर मौजूद पोस्ट्स ने भी जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा है। दोनों के अकाउंट्स पर साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में उनका रिश्ता बेहद करीबी और प्रेमपूर्ण नजर आता है।
सोशल मीडिया पर दिखता था प्यार
सिया गोयल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल के साथ कई रोमांटिक पोस्ट साझा किए थे। इनमें प्रपोजल की तस्वीरें, फूल देकर प्यार का इजहार करने वाले पल, डांस करते हुए वीडियो और एक-दूसरे को गले लगाते हुए दृश्य शामिल थे। इन पोस्ट्स को देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल था कि दोनों के रिश्ते का अंत इतनी दुखद घटना में होगा।
CCTV फुटेज में साथ दिखे सिया और केतन
जांच टीम के एक अधिकारी के अनुसार, घटनास्थल के पास किले के टिकट काउंटर पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की गई। फुटेज में सिया और केतन एक साथ चलते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने जब वीडियो को विस्तार से खंगाला तो एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई।
20 फीट पीछे चल रहा था संदिग्ध युवक
अधिकारी के मुताबिक, फुटेज में दोनों के लगभग 20 फीट पीछे एक युवक भी चलता हुआ नजर आया। उसने शॉर्ट्स और हुडी पहन रखी थी। युवक ने अपनी हुडी को इस तरह नीचे खींच रखा था कि उसका चेहरा कैमरे में स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। इसके अलावा उसने हेडसेट भी पहन रखा था, जिससे उसकी पहचान और मुश्किल हो गई।
सिया के पीछे मुड़ने पर युवक की संदिग्ध हरकत
पुलिस को एक अन्य फुटेज में एक और संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी। वीडियो में देखा गया कि सिया अचानक पीछे मुड़कर देखती है और उसी समय हुडी पहने युवक तुरंत नीचे बैठ जाता है, मानो वह खुद को कैमरे या लोगों की नजरों से छिपाने की कोशिश कर रहा हो। इस हरकत ने जांच एजेंसियों का शक और बढ़ा दिया है।
युवक की पहचान में जुटी पुलिस
जांच एजेंसियां अब CCTV फुटेज के आधार पर उस संदिग्ध युवक की पहचान करने में जुटी हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक का इस मामले से कोई संबंध था या नहीं और घटना के समय उसकी मौजूदगी का क्या कारण था।
हर पहलू से जांच जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कई कोणों से की जा रही है। सोशल मीडिया गतिविधियों, कॉल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पूरी घटना की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि जांच में सामने आने वाले हर सुराग की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है।