दिल्ली-NCR में 1 नवंबर से प्रदूषण पर नई पाबंदियां लागू: वीडियो में जाने BS-VI से कम गाड़ियों की एंट्री बंद, सरहौल बॉर्डर पर 1 KM लंबा जाम; दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम
दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 1 नवंबर से नई पाबंदियां लागू हो गई हैं। इस बार प्रदूषण का स्तर बढ़ने का इंतजार किए बिना पहले से तय तारीख पर नियम लागू किए गए हैं। नए नियमों के तहत दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से कम उत्सर्जन मानक वाली गाड़ियों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसके चलते रविवार सुबह दिल्ली-गुरुग्राम सरहौल बॉर्डर पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। NH-48 की दिल्ली जाने वाली मुख्य सड़क और सर्विस लेन पर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम देखने को मिला।
नई पाबंदियों के कारण दिल्ली आने-जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर गुरुग्राम से दिल्ली जाने वाले रास्ते पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। नियमों के तहत निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली गाड़ियों को दिल्ली में प्रवेश नहीं मिलेगा। ऐसे में वाहन चालकों को यात्रा से पहले अपनी गाड़ी के उत्सर्जन मानक की जानकारी रखने की जरूरत होगी।
दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम
प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार ने सरकारी और निजी कार्यालयों में भी नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करना होगा। माना जा रहा है कि इससे रोजाना सड़कों पर निकलने वाले वाहनों की संख्या कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा सार्वजनिक पार्किंग में वाहन खड़ा करने की फीस भी बढ़ाई गई है। कई पब्लिक पार्किंग में पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया गया है, ताकि निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित किया जा सके।
1 नवंबर से 28 फरवरी तक लागू रहेंगे नियम
दिल्ली सरकार ने जुलाई 2026 में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए विंटर एक्शन प्लान को मंजूरी दी थी। इसके तहत हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक प्रदूषण से संबंधित नियम लागू रहेंगे। इस बार भी इसी व्यवस्था के तहत 1 नवंबर से प्रतिबंधों की शुरुआत कर दी गई है।
पहले दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत अलग-अलग चरणों में पाबंदियां लगाई जाती थीं। यानी हवा की गुणवत्ता खराब होने पर स्थिति के अनुसार नियम सख्त किए जाते थे। लेकिन नई व्यवस्था में कुछ प्रतिबंध पहले से तय तारीख पर लागू होंगे। इसका उद्देश्य प्रदूषण बढ़ने से पहले ही उसकी रोकथाम के लिए कदम उठाना है।
अक्टूबर में 9 साल की सबसे साफ हवा
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पाबंदियां ऐसे समय लागू हुई हैं, जब अक्टूबर में राजधानी की हवा पिछले 9 साल में सबसे साफ दर्ज की गई। इस महीने दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 166 रहा। हालांकि, सर्दियों की शुरुआत के साथ तापमान में गिरावट, हवा की धीमी रफ्तार और अन्य मौसमी परिस्थितियों के कारण प्रदूषण बढ़ने की आशंका रहती है।
इसी को देखते हुए सरकार ने पहले से प्रतिबंध लागू करने का फैसला किया है। आने वाले महीनों में वाहन प्रदूषण, निर्माण गतिविधियों और अन्य स्रोतों पर नियंत्रण के लिए अलग-अलग कदम उठाए जाएंगे। नई पाबंदियों का असर दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद से रोजाना राजधानी आने-जाने वाले लोगों पर भी पड़ेगा।