×

यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन मामले में नई फाइलों में सामने आया सच, वीडियो में जानें भारतीय लड़की भी हुई शिकार

 

अमेरिकी यौन अपराधी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े हालिया दस्तावेजों में shocking खुलासा हुआ है कि एक भारतीय लड़की भी उसके शिकार बनी थी। ये नई जानकारी 2019 में जेल में उसकी संदिग्ध मौत के बाद सामने आई फाइलों का हिस्सा है।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/qoWEKfVscJI?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/qoWEKfVscJI/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने एपस्टीन के पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए भारत में विशेष जांच शुरू की थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि 13 जनवरी 2020 को अमेरिकी अधिकारियों के बीच हुई ईमेल बातचीत में इस भारतीय पीड़िता की जानकारी जुटाने और उसके संपर्क का तरीका ढूंढने की बात की गई। ईमेल में स्पष्ट रूप से कहा गया कि भारत स्थित अमेरिकी दूतावास के माध्यम से पीड़िता तक पहुँच बनाई जाए।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम पीड़ितों के लिए मुआवजा फंड सुनिश्चित करने और उन्हें न्याय दिलाने की प्रक्रिया का हिस्सा था। अमेरिकी अधिकारियों का मकसद केवल वित्तीय सहायता प्रदान करना नहीं था, बल्कि पीड़िता की सुरक्षा और उसकी पहचान की गोपनीयता बनाए रखना भी था।

जेफ्री एपस्टीन का मामला लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मीडिया और न्यायिक जांच का केंद्र बना हुआ है। अगस्त 2019 में उसकी जेल में मौत हुई थी, लेकिन उसके खिलाफ लंबित यौन शोषण के आरोपों की जांच जारी रही। एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों को सेक्स रैकेट में शामिल करने का आरोप था, और उसके साथ जुड़े कई नामी और प्रभावशाली लोग भी जांच के दायरे में आए थे।

अमेरिकी अधिकारियों के दस्तावेजों से यह भी पता चलता है कि एपस्टीन के मामले की जांच में भारत को भी शामिल किया गया था। भारत में पीड़ित लड़की की पहचान, सुरक्षा और मुआवजे तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी एजेंसियों ने स्थानीय अधिकारियों से सहयोग मांगा। इससे पता चलता है कि एपस्टीन के नेटवर्क में शामिल पीड़ितों की संख्या और जटिलताएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी व्यापक थीं।

विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के दस्तावेज केवल एपस्टीन की व्यक्तिगत गतिविधियों का खुलासा नहीं करते, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि उसके मामले में न्यायिक प्रणाली कितनी व्यापक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर आधारित थी। भारत सहित कई देशों में पीड़ितों तक न्याय और मुआवजा पहुँचाने के लिए अमेरिका ने विशेष पहल की।

इस खुलासे ने न केवल एपस्टीन के अपराधों की गहनता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के दस्तावेज भविष्य में यौन अपराधों के खिलाफ और अधिक सख्त कार्रवाई के लिए मार्गदर्शक साबित हो सकते हैं।

अभी तक इस भारतीय पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, और अमेरिकी अधिकारियों ने इसे गोपनीय रखने की पूरी कोशिश की है। यह मामला एक बार फिर से यह याद दिलाता है कि यौन अपराध केवल व्यक्तिगत नहीं रहते, बल्कि वैश्विक स्तर पर इसके प्रभाव और जटिलताएँ होती हैं।