नेपाल से हमारे रिश्ते बहुआयामी, बांग्लादेश के साथ संबंध सकारात्मक राह पर: विदेश मंत्रालय
नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्रालय ने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को बहुत महत्वपूर्ण बताया। मंगलवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने खासतौर पर नेपाल और बांग्लादेश को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दिया। इसके साथ ही उन्होंने दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन के आयोजन की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच दिवसीय दौरे पर भी उन्होंने रोशनी डाली।
विदेश सचिव की नेपाल यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "नेपाल के साथ हमारे रिश्ते बहुआयामी हैं। वहां नई सरकार बनने के बाद पीएम मोदी ने उनसे बात करके अपने रिश्तों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। नेपाल के विदेश मंत्री से हमारे विदेश मंत्री की मॉरिशस में मुलाकात हुई थी, और अब उनकी तरफ से न्योता आया है, लेकिन अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है।
वहीं, बांग्लादेश के साथ रिश्तों को भी उन्होंने सकारात्मक बताया। कहा, "हमने पहले ही इशारा कर दिया है कि हम इस रिश्ते को पॉजिटिव दिशा में ले जा रहे हैं। कुछ समय पहले बांग्लादेश के विदेश मंत्री भारत आए थे, और बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के दौरान स्पीकर भी शामिल हुए थे। तो यह इस रिश्ते की ओर बढ़ते रास्ता है।"
पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन की ओर से पहुंचाई मदद को लेकर पूछे गए सवाल पर जायसवाल ने कहा कि हमने कुछ रिपोर्ट्स देखी हैं। हम बस यही कहना चाहते हैं कि हमने सटीक, लक्षित, और नपा-तुला जवाब पाक-प्रायोजित आतंकवाद को दिया था। अब ये उन राष्ट्रों को तय करना है, जो खुद को जिम्मेदार मानते हैं; उन्हें आत्मचिंतन करना है कि आतंक को बचाने की कोशिश करना क्या उनकी प्रतिष्ठा और वैश्विक साख को प्रभावित करता है?
जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 दिवसीय दौरे पर कहा कि 15 से 20 मई 2026 तक वह पांच देशों की महत्वपूर्ण यात्रा पर रहेंगे। सबसे पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जाएंगे, जिसके साथ हमारे बहुआयामी रिश्ते हैं। यहां ऊर्जा सुरक्षा पर बातचीत होगी, जैसी साझेदारी चल रही है कैसे उसे व्यापक किया जाए, कैसे उसे और मजबूत किया जाए, और कैसे सहयोग बढ़ाया जाए, इस पर चर्चा होगी। वहां हमारा भारतीय समुदाय बहुत बड़ा है, 45 लाख लोग रहते हैं, इसलिए उनके हित और कल्याण पर भी बात होगी।
इसके बाद पीएम मोदी नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जाएंगे, जहां नवाचार को लेकर गंभीर मंत्रणा होगी। मुद्दे ऐसे होंगे जो हमारे विकसित भारत संकल्प की राह पर आगे ले जाएं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन का ऐलान किया। जायसवाल ने कहा, "भारत 14 और 15 मई 2026 को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों के बैठक की मेजबानी करेगा। अध्यक्षता विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर करेंगे। ब्रिक्स के विदेश मंत्री और सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल प्रमुख बैठक में हिस्सा लेंगे। वे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलेंगे। बैठक के दौरान, विदेश मंत्री आपसी हितों के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "दूसरे दिन, ब्रिक्स सदस्य और सदस्य देश ' ब्रिक्स एट 20 रेजिलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण' थीम वाले सत्र में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वैश्विक गवर्नेंस और बहुपक्षीय प्रणाली के सुधारों पर एक सत्र होगा।" यूएई और ईरान की तरफ से कौन शामिल होगा इस सवाल पर प्रवक्ता ने कहा कि इसका फैसला उन देशों को करना है।
--आईएएनएस
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