नेपाल त्रासदी : पूर्वोत्तर राज्यों को सतर्क रहने की जरूरत, इमरान मसूद बोले-चीन की गतिविधियों से बड़ा खतरा
सहारनपुर/नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में अचानक आई बाढ़ और उससे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर संभावित खतरे को लेकर कांग्रेस नेताओं ने चिंता जताई है। सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि नेपाल में आई आपदा के मद्देनजर भारत को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने चीन की गतिविधियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का परिणाम विनाशकारी हो सकता है।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने नेपाल में एक और बाढ़ की संभावना को लेकर चीन की चेतावनी पर कहा, “भगवान सब ठीक करें। अल्लाह करे कि कुछ भी बुरा न हो।”
उन्होंने नेपाल में अचानक आई बाढ़ को लेकर कहा कि चीन ने हर तरफ से इंतजाम कर लिए हैं और इससे असम तथा पूर्वोत्तर भारत के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। जब प्रकृति के साथ छेड़छाड़ की जाती है तो वह विनाशकारी तरीके से प्रतिक्रिया देती है। नेपाल में जो स्थिति बनी है, उसके प्रभाव भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी देखने को मिले हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी की टिप्पणी के सवाल पर भी इमरान मसूद ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मेरी राय में, पूरी दुनिया में उनसे बड़ा झूठा कोई नहीं है। मुझे नहीं पता कि वे ये किताबें या ये सब बातें कहां से लाते हैं।”
पश्चिम बंगाल की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए मसूद ने कोलकाता में “जंगल राज” होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है और ममता बनर्जी को खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने भाजपा पर सत्ता का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया। वहीं, हरियाणवी गायक अंकित बालियान की हत्या को लेकर मसूद ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक चौराहे पर खुलेआम हत्या होना गंभीर हालात को दर्शाता है। अपराधियों द्वारा खुले तौर पर हत्या की जिम्मेदारी लेने को उन्होंने और भी चिंताजनक बताया।
वहीं, दिल्ली में कांग्रेस सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने नेपाल की बाढ़ को लेकर सरकार से एहतियाती कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया नेपाल में हुई तबाही को लेकर चिंतित है और भारत सरकार को लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
महिला आरक्षण और संभावित संवैधानिक संशोधन पर अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री को सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं को बातचीत के लिए बुलाकर आम सहमति बनाने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने विशेष सत्र बुलाने की जरूरत पर भी सवाल उठाया क्योंकि मानसून सत्र हाल ही में समाप्त हुआ है और शीतकालीन सत्र भी आने वाला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट रुख है कि लोकसभा की 543 सीटों में 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को दिया जाना चाहिए। इससे दक्षिणी राज्यों से जुड़ी चिंताओं का भी समाधान हो सकता है। सरकार यदि दोबारा संवैधानिक संशोधन पर विचार कर रही है तो उसे सर्वदलीय बैठक के जरिए सहमति बनानी चाहिए। सरकार पहले भी इस मुद्दे पर प्रयास कर चुकी है लेकिन वह सफल नहीं रही।
--आईएएनएस
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