'नेपाल-अमेरिका और आयरलैंड जैसी टीमों को और ज्यादा मैचों की जरूरत', विश्व कप के नए फॉर्मेट पर बोले अश्विन
नई दिल्ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने आईसीसी के वनडे वर्ल्ड कप और टी20 वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट का स्वागत किया है, लेकिन उनका मानना है कि क्रिकेट को स्थापित देशों से आगे बढ़ाने के लिए गवर्निंग बॉडी को और भी बहुत कुछ करने की जरूरत है।
आईसीसी की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए अश्विन ने कहा कि संरचनात्मक बदलावों से प्रतिस्पर्धा तो बढ़ेगी, लेकिन अगर इस खेल को ओलंपिक में शामिल होने का अपना सपना पूरा करना है, तो उभरती हुई टीमों के लिए मौके बढ़ाना बहुत जरूरी होगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अपने दो बड़े व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट के फॉर्मेट में बदलाव की घोषणा की है। 2027 वनडे वर्ल्ड कप और टी20 वर्ल्ड कप 2028 अब नए फॉर्मेट के तहत खेले जाएंगे। इन बदलावों का उद्देश्य टूर्नामेंट को और रोमांचक बनाना और ज्यादा टीमों को प्रतिस्पर्धा का मौका देना है।
2027 वनडे वर्ल्ड कप में तीन चरणों वाला नया फॉर्मेट देखने को मिलेगा। टूर्नामेंट की शुरुआत 'सुपर सीरीज' चरण से होगी। इसके बाद टीमें ग्रुप स्टेज, सुपर 7 राउंड और फिर नॉकआउट मुकाबलों में पहुंचेंगी। इस नए ढांचे से टीमों के लिए आगे बढ़ने की चुनौती बढ़ेगी और हर मैच का महत्व ज्यादा होगा।
वहीं, 2028 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में 20 टीमें हिस्सा लेंगी, लेकिन इसका प्रारूप भी बदला जाएगा। टूर्नामेंट की शुरुआत पांच ग्रुप से होगी। इसके बाद सफल टीमें सुपर 10 चरण में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल से पहले एलिमिनेटर राउंड खेला जाएगा, जिससे मुकाबलों में रोमांच और बढ़ेगा।
प्रतियोगिता के नए स्ट्रक्चर के पीछे की सोच का समर्थन करते हुए अश्विन ने कहा कि सिर्फ टूर्नामेंट में सुधार करने से 'फुल मेंबर' और 'एसोसिएट देशों' के बीच का अंतर कम नहीं होगा। अश्विन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ""प्रतिस्पर्धा के नजरिए से 2027 वनडे वर्ल्ड कप और टी20 वर्ल्ड कप 2028 के फिक्स्चर फॉर्मेट में आईसीसी के बदलाव सही लगते हैं। हालांकि, अगर अंतिम लक्ष्य खेल को आगे बढ़ाना है, तो उभरते हुए देशों के लिए एक मजबूत रास्ता बनाने की जरूरत है।"
अश्विन ने सुझाव दिया कि इंटरनेशनल कैलेंडर में भी बदलाव होना चाहिए ताकि एसोसिएट टीमों को सिर्फ क्वालिफिकेशन इवेंट तक सीमित रखने के बजाय, उन्हें बेहतर रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ लगातार खेलने का मौका मिल सके। उन्होंने कहा, "नीदरलैंड, स्कॉटलैंड, नेपाल, अमेरिका और आयरलैंड जैसी टीमों को सिर्फ क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट ही नहीं, बल्कि और ज्यादा अहम मैचों की जरूरत है (उदाहरण के लिए: हर द्विपक्षीय सीरीज में तीसरी टीम के तौर पर शामिल होना)।"
अश्विन ने कहा कि क्रिकेट को ओलंपिक में सफल बनाने के लिए सिर्फ कुछ बड़ी टीमों का मजबूत होना काफी नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि पूरे क्रिकेट जगत का सामूहिक विकास जरूरी है, तभी यह खेल ओलंपिक में एक शानदार और यादगार अनुभव बन पाएगा। भारत के पूर्व स्पिनर ने कहा कि प्रतिस्पर्धा का दायरा बढ़ाने से अंततः विश्व स्तर पर क्रिकेट को फायदा होगा, खासकर तब जब यह खेल ओलंपिक खेलों में वापसी करने जा रहा है। अश्विन ने कहा कि क्रिकेट को ओलंपिक में सफल बनाने के लिए सिर्फ कुछ बड़ी टीमों का मजबूत होना काफी नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि पूरे क्रिकेट जगत का सामूहिक विकास जरूरी है, तभी यह खेल ओलंपिक में एक शानदार और यादगार अनुभव बन पाएगा।
--आईएएनएस
एसएम/पीएम