नेपाल आपदा पहाड़ों में निर्माण के लिए चेतावनी, प्रकृति से छेड़छाड़ पड़ेगी भारी: संदीप वर्मा
रांची, 27 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच झारखंड के एक युवक के लापता होने की सूचना सामने आने के बाद उसके परिवार की चिंता बढ़ गई है। इस मामले पर भाजपा प्रवक्ता संदीप वर्मा ने कहा कि लापता युवक के बारे में जानकारी जुटाने में राज्य सरकार और प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता और तत्परता दिखानी चाहिए। नेपाल की त्रासदी पर दुख जताते हुए उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
संदीप वर्मा ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार त्रिशूली क्षेत्र में झारखंड के एक युवक के लापता होने की सूचना है। इस त्रासदी से पूरा देश दुखी है और भारत की संवेदनाएं नेपाल के लोगों के साथ हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बातचीत की है और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही है। वहीं, झारखंड के लापता युवक के संबंध में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और प्रशासन को तत्काल संबंधित एजेंसियों तथा नेपाल प्रशासन से संपर्क कर युवक की जानकारी जुटानी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने नेपाल की आपदा को पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों के लिए भी एक चेतावनी बताया। उन्होंने कहा कि पहाड़ों और नदियों के प्राकृतिक मार्गों के साथ अत्यधिक छेड़छाड़ भविष्य में गंभीर परिणाम दे सकती है। 2013 की केदारनाथ त्रासदी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के लिए सामान्य इलाकों से अलग योजना और निर्माण नीति की जरूरत है। नदियां कई बार अपना प्राकृतिक रास्ता खुद तय करती हैं, इसलिए नदी के मार्ग और संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
संदीप वर्मा ने कहा कि तिब्बत से होते हुए नेपाल तक पहुंची इस प्राकृतिक आपदा से कई भारतीय भी प्रभावित हुए हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीयों के भी लापता होने की सूचनाएं सामने आई हैं। ऐसे में केंद्र सरकार संबंधित लोगों की जानकारी जुटाने और उनके बचाव के लिए प्रयास कर रही है। प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत और बचाव अभियान में कई तरह की चुनौतियां आती हैं। बारिश का मौसम भी बचाव कार्य को कठिन बना रहा है, लेकिन केंद्र सरकार आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। नेपाल और तिब्बत भारत के करीबी पड़ोसी क्षेत्र हैं और बड़ी संख्या में भारतीय वहां यात्रा के लिए जाते हैं। ऐसे में वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी प्राथमिकता होनी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इस आपदा से यह संदेश भी मिलता है कि प्राकृतिक संसाधनों और नदियों के साथ अत्यधिक हस्तक्षेप से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदा में हाइड्रोपावर परियोजनाओं से जुड़े कार्यालयों और फ्लाईओवर जैसी संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। प्रकृति बार-बार हमें यह संकेत देती है कि विकास कार्य पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखकर किए जाने चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण के लिए वैज्ञानिक अध्ययन, स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और आपदा जोखिम को ध्यान में रखना जरूरी है।
झारखंड में रॉयल्टी और खनन को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर संदीप वर्मा ने कांग्रेस पर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में राज्य के राजस्व और लोगों के हितों को लेकर चिंतित है तो उसे खनिज उत्पादन बढ़ाने और खनन आधारित उद्योग स्थापित करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में खनिज संसाधनों का पर्याप्त उपयोग कर स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने वाले उद्योग नहीं लगाए गए। साथ ही उन्होंने अवैध खनन को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा।
संदीप वर्मा ने कहा कि राज्य में राजस्व बढ़ाने के लिए ऐसी नीतियां जरूरी हैं, जिनसे झारखंड के खनिज प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बाजार में टिक सकें। अतिरिक्त सेस लगाने से यदि खनिज दूसरे राज्यों की तुलना में महंगा हो जाता है तो प्रतिस्पर्धी बाजार में उसका असर पड़ सकता है। नेपाल की त्रासदी एक मानवीय संकट है और इस समय सबसे जरूरी काम प्रभावित लोगों की सुरक्षा, लापता भारतीयों की जानकारी जुटाना और राहत-बचाव अभियान को तेज करना है। साथ ही, इस आपदा से सबक लेते हुए हिमालयी क्षेत्रों में भविष्य के निर्माण और विकास की नीतियों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
--आईएएनएस
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