नेहा बोरा के बयान पर भड़के एनडीए नेता, बोले- सनातन पर हमला बर्दाश्त नहीं
नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा मंदिरों के पुजारियों पर लगाए गए यौन शोषण के आरोपों को लेकर देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। बिहार सरकार के मंत्री संतोष सुमन से लेकर महाराष्ट्र के भाजपा और शिवसेना के नेताओं ने इस बयान को सनातन परंपरा और हिंदू आस्था पर सीधा हमला बताया है।
बिहार के मंत्री संतोष सुमन ने नेहा बोरा के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "यह उनकी विचारधारा है और उन्हें इसी तरह की सोच के साथ पाला-पोसा गया है, इसलिए वह ऐसे बयान देती हैं। मंदिर हमारा पवित्र स्थान है। हम वहां पूरी आस्था और समर्पण के साथ जाते हैं। देश की लगभग 140 करोड़ की आबादी में से 100 करोड़ से अधिक लोगों के लिए मंदिर आस्था का विषय है। जो कोई भी इस तरह से मंदिर या किसी भी आस्था के केंद्र पर हमला करता है, उसकी मानसिकता पर सवाल उठता है।"
उन्होंने कहा, "अगर कहीं कोई अप्रिय घटना घटती भी है, तो उसके लिए कानून में प्रावधान है, लेकिन इस तरह सामान्यीकरण करके पूरी व्यवस्था पर आरोप लगाना गलत है। हम बहुत आस्था के साथ मंदिर जाते हैं और भगवान की पूजा करते हैं। ऐसे में इस तरह की टिप्पणी पूरे हिंदू समाज और सनातन पर टिप्पणी मानी जाएगी।"
मुंबई में भाजपा विधान परिषद सदस्य श्रीकांत भारतीय ने नेहा बोरा को कांग्रेस की कार्यकर्ता बताते हुए पार्टी से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने कहा कि नेहा बोरा राहुल गांधी के साथ रैली कर रही हैं, ऐसे में कांग्रेस को अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए।
भारतीय ने कहा, "एक बार कांग्रेस यह स्पष्ट करे कि क्या मंदिर के पुजारी रेप करते हैं? यह बयान देश के हिंदुओं और सनातन परंपराओं का अपमान है।"
उन्होंने कहा, "मैं नेहा बोरा से पूछना चाहता हूं कि आपको सिर्फ पुजारी ही दिखे? मौलवी नहीं दिखे, पादरी नहीं दिखे? मैं किसी भी उपासना पद्धति का विरोधी नहीं हूं। मैं यह नहीं कहना चाहता कि सारे पादरी और सारे मौलवी रेपिस्ट हैं, जैसा कि वह कह रही हैं।"
भाजपा नेता ने कहा कि हिंदुस्तान में पीढ़ियों और सदियों से सनातन परंपरा चली आ रही है। पुजारी व्यवस्था ने अपनी एक प्रतिष्ठित छवि बनाई है। इस प्रकार का बयान हिंदुओं का अपमान है और इसके परिणाम नेहा बोरा के साथ-साथ कांग्रेस को भी भुगतने पड़ेंगे।
शिवसेना नेता और प्रवक्ता आनंद दुबे ने नेहा बोरा के बयान पर कहा, "मंदिर के पुजारियों पर यह सीधा हमला करना है। आपने यह तो नहीं कहा कि मस्जिद में क्या होता है? मौलाना क्या करते हैं? गिरजाघर में क्या होता है? आपने नहीं कहा, क्योंकि आपको पता है कि हिंदू बहुत शांति प्रिय होते हैं। हिंदू करुणा के सागर होते हैं। कोई सनातन को डेंगू कहकर निकल जा रहा है, कोई राम और महादेव में अंतर बता रहा है, कोई हिंदुत्व को गालियां दे रहा है।"
उन्होंने वामपंथी विचारधारा पर हमला करते हुए कहा कि लेफ्ट विंग वालों की मानसिकता विदेशों से संचालित होती है। लगातार हार के कारण उनकी कुंठा सामने आ रही है। कोई मक्खी बन रहा है, कोई मच्छर बन रहा है, कोई तिलचट्टा और छिपकली बन रहा है। इन छिपकलियों और तिलचट्टों से आप क्या उम्मीद करेंगे? हमारे देश के करोड़ों जेन-जी के आदर्श भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और वीर सावरकर हैं, जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। ऐसे महान देश की महान विरासत और संस्कृति को ऐसे लोग कलंकित कर रहे हैं।
दुबे ने कहा कि पुजारी दिन-रात प्रभु की सेवा, आरती और पूजन में लगे रहते हैं। चंद वोटों के लालच और चंद घुसपैठियों को खुश करने के लिए उनके खिलाफ इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं।
--आईएएनएस
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