'इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेंगे', नीट पेपर लीक मामले को लेकर एनएसयूआई का विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के सदस्यों ने दिल्ली में नीट अभ्यर्थियों की मौत के सुसाइड मामले में कैंडल मार्च निकाला और न्याय की मांग की।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि यह बहुत भावुक क्षण है। जिन विद्यार्थियों ने डॉक्टर बनने का सपना देखा, जिन माता-पिता ने कर्ज लेकर बच्चों को पढ़ाया, लेकिन पेपर लीक की वजह से बच्चों की आत्महत्या से बड़ा सवाल खड़ा होता है कि सरकार कहां है? नीट पेपर लीक की वजह से छात्र-छात्राओं का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। वो डिप्रेशन में हैं, क्योंकि सरकार ने उनका आत्मविश्वास कमजोर कर दिया है। एनटीए और शिक्षा मंत्री की ओर से सिर्फ पेपर रद्द करने की बात कही गई।
उन्होंने कहा कि एनएसयूआई देश के नौजवानों के साथ खड़ी है। हम इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेंगे। उन्होंने छात्रों से अपील की कि कोई भी गलत कदम न उठाएं। हमारी सरकार ने अभी तक कोई सुध नहीं ली है। हमारी मांग है कि जिन माता-पिता ने अपने घर का चिराग खो दिया, सरकार उनको आर्थिक मुआवजा दे। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इस मामले की जांच होनी चाहिए। जो भी इस मामले में दोषी हैं, उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद शिवाजी कालगे ने कहा कि लातूर में, एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस आज नीट परीक्षा घोटाले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। सैकड़ों छात्र और कार्यकर्ता यहां मौजूद हैं। हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि उन 22–24 लाख छात्रों की क्या गलती है, जिन्होंने यह परीक्षा दी? उन माता-पिता की क्या गलती है जो अपने बच्चों के भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, और उन शिक्षकों की क्या गलती है जो उनके लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं?
शिवाजी कालगे ने कहा कि कुछ भ्रष्ट लोगों को बचाने की कोशिश में सरकार ने पूरे देश के छात्रों को परेशान किया है। आज, बच्चों का भविष्य अंधकार में है, और हम इसके लिए जवाब चाहते हैं। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से हम यूथ कांग्रेस की ओर से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार में मंत्री राजेश धरमानी ने कहा कि भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए हमने सीबीआई और ईडी बनाई, लेकिन फिर भी भ्रष्टाचार है। हम अब भी ऐसी घटनाएं देख रहे हैं। एनटीए बनाने से कोई मदद नहीं मिलेगी, क्योंकि लोगों में चरित्र की कमी है। जब तक अच्छे चरित्र वाले लोग इस सिस्टम में नहीं आएंगे, तब तक यह सिस्टम ठीक से काम नहीं करेगा।
--आईएएनएस
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