नीट पेपर लीक केस ने एग्जाम सिस्टम के ध्वस्त होने की सच्चाई को किया उजागर: संदोष कुमार
नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। पेपर लीक मामले के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नीट यूजी 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया। साथ ही एनटीए ने दोबारा एग्जाम कराने की घोषणा की है। इसे लेकर सीपीआई सांसद पी संदोष कुमार ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी पर सवाल उठाए हैं।
नीट पेपर लीक मामले में राज्यसभा के सदस्य पी. संदोष कुमार ने मंगलवार को अपना बयान जारी किया। उन्होंने पेपर लीक और बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं के आरोपों के बाद नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की कड़ी निंदा की।
उन्होंने लाखों छात्रों को अनिश्चितता और परेशानी में धकेलने के लिए इन संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया।
संदोष कुमार ने कहा, "बार-बार होने वाले पेपर लीक, परीक्षा घोटालों और परीक्षाओं के रद्द होने की घटनाओं ने एग्जाम सिस्टम के पूरी तरह से ध्वस्त हो जाने की सच्चाई को उजागर कर दिया है। जिन छात्रों ने बहुत मुश्किलों और उम्मीदों के साथ तैयारी की थी, उन्हें अब भ्रष्टाचार, अयोग्यता और एक बेहद भेदभावपूर्ण व्यवस्था का शिकार बनाया जा रहा है।"
उन्होंने आगे कहा, "सरकार ने बार-बार छात्रों की आकांक्षाओं को कुचला है, और साथ ही एक ऐसी केंद्रीकृत व्यवस्था को बढ़ावा दिया है, जिससे केवल कोचिंग सेंटरों और विशेषाधिकार प्राप्त लोगों को ही फायदा होता है, जबकि गरीब, ग्रामीण और हाशिए पर पड़े छात्रों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है।"
'नीट सामाजिक और संस्थागत, दोनों ही स्तरों पर पूरी तरह विफल रहा है।' तत्काल सुधारात्मक उपायों की मांग करते हुए संदोष कुमार ने कहा, "नीट और एनटीए को समाप्त कर दिया जाना चाहिए। परीक्षा प्रणाली का विकेंद्रीकरण इस तरह से किया जाना चाहिए जो लोकतांत्रिक और पारदर्शी हो, तथा जो सामाजिक न्याय और राज्यों के अधिकारों का सम्मान करता हो। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक जांच शुरू की जानी चाहिए, और लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के सभी दोषी लोगों को ऐसी मिसाल बनने वाली सजा दी जानी चाहिए, जिससे दूसरों को सबक मिले।"
--आईएएनएस
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