नीट पेपर लीक मामले में फिजिक्स के टीचर तेजस शाह की गिरफ्तारी से संस्थान ने झाड़ा पल्ला, कहा- कोई लेना-देना नहीं
पुणे, 27 मई (आईएएनएस)। नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में बुधवार को सीबीआई ने पुणे के चर्चित कोचिंग संस्थान डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी (एपीएमए) के फिजिक्स टीचर तेजस हर्षद कुमार शाह को गिरफ्तार किया। सीबीआई के मुताबिक, तेजस शाह पर आरोप है कि उन्होंने गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार से नीट यूजी 2026 के फिजिक्स के लीक सवाल प्राप्त किए थे। हालांकि, एपीएमए ने खुद को इस पूरे मामले से अलग बताया है।
डॉ अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी (एपीएमए) के चेयरपर्सन सचिन हलदवनेकर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि तेजस शाह उनके यहां फिजिक्स फैकल्टी में हैं, लेकिन जिस महिला आरोपी से उनकी बातचीत हुई, वह पूरी तरह व्यक्तिगत स्तर पर थी। उनका कहना है कि तेजस शाह को नीट और जेईई के कुछ चैप्टर्स और पैटर्न को लेकर डाउट्स थे। इसी सिलसिले में उन्होंने गिरफ्तार महिला से संपर्क किया था।
सचिन हलदवनेकर ने कहा, "तेजस शाह को कुछ एक्सपर्ट गाइडेंस चाहिए थी। कौन से चैप्टर नीट में आते हैं, कौन से जेईई में और किस तरह के सवाल पूछे जाते हैं, इसे लेकर उन्होंने उस महिला से बात की थी। शायद वही व्हाट्सएप चैट सीबीआई को मिली होगी, लेकिन इसका संस्थान से कोई संबंध नहीं है।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या आरोपी महिला कभी संस्थान या क्लास से जुड़ी थी, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। सचिन हलदवनेकर ने कहा कि उन्होंने उस महिला को कभी संस्थान में नहीं देखा और न ही उसका क्लास से कोई संबंध था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें न्यायपालिका और सीबीआई की जांच पर पूरा भरोसा है और जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
उन्होंने कहा, "सीबीआई ने रूटीन इंक्वायरी के तहत हमसे कुछ डॉक्यूमेंट्स और पेपर्स मांगे थे, जो हमने दे दिए हैं। हमें पूरा विश्वास है कि जांच निष्पक्ष होगी और यह साफ हो जाएगा कि संस्थान का इस मामले में कोई हाथ नहीं है।"
फिलहाल, सीबीआई पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक का दायरा कितना बड़ा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी।
--आईएएनएस
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