NEET पेपर लीक केस: फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहले दिन ही सुनवाई टली, वीडियो में जाने CBI के वकील नहीं पहुंचने पर कोर्ट ने दिए निर्देश
नीट पेपर लीक मामले में सोमवार को राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में होने वाली पहली सुनवाई ही टल गई। सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) की ओर से कोई सरकारी वकील मौजूद नहीं था, जिसके बाद अदालत ने नाराजगी जताते हुए CBI के डायरेक्टर ऑफ प्रोसिक्यूशन को मामले की पैरवी के लिए सरकारी वकील नियुक्त करने का निर्देश दिया। स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई को 3 अगस्त तक के लिए टाल दिया है। दोनों आरोपियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील एपी सिंह अदालत में पेश हुए थे।
नई व्यवस्था के तहत पहली सुनवाई
यह मामला पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत गठित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहुंचा पहला केस था। सरकार की ओर से परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसे मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए इन विशेष अदालतों का गठन किया गया है।अब नीट पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई इसी स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाएगी। अदालत का उद्देश्य ऐसे मामलों में तेजी से सुनवाई पूरी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
CBI की ओर से वकील नहीं पहुंचने पर टली सुनवाई
सोमवार को जब मामले की सुनवाई शुरू हुई तो CBI की तरफ से कोई सरकारी अधिवक्ता मौजूद नहीं था। इसके चलते अदालत आरोपियों की जमानत याचिका पर आगे की कार्रवाई नहीं कर सकी। कोर्ट ने CBI को निर्देश दिया कि मामले की प्रभावी पैरवी के लिए जल्द से जल्द सरकारी वकील नियुक्त किया जाए।इसके बाद अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए अगली तारीख 3 अगस्त तय कर दी।
पीएम मोदी ने की थी फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा
नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को सोशल मीडिया के जरिए अपना पहला संदेश जारी किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि परीक्षा से जुड़े मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए गए हैं।इसके बाद 26 जुलाई को भी प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा था कि सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं को गंभीरता से ले रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा था कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से ऐसे मामलों में जल्द न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
नीट पेपर लीक मामले में बढ़ी कानूनी गतिविधियां
नीट पेपर लीक मामले की जांच CBI कर रही है और देशभर में इससे जुड़े कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को देखते हुए सरकार और जांच एजेंसियां मामले को तेजी से आगे बढ़ाने का दावा कर रही हैं।अब सभी की नजर 3 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर है, जहां आरोपीदिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर कोर्ट में बहस होगी। साथ ही CBI की ओर से नियुक्त सरकारी वकील मामले में अपना पक्ष रखेंगे।