नीट आंदोलनकारियों को महाराष्ट्र सरकार की बड़ी राहत, छात्रों पर दर्ज केस होंगे वापस
मुंबई, 13 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस सरकार ने नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वालों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने का फैसला किया है।
गृह विभाग की ओर से एक आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के समर्थन में किए गए विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लिए जाएंगे।
सरकार ने इस फैसले के दायरे में आने वाले केस के लिए समय-सीमा भी 31 जुलाई, 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2027 कर दी है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 28 जुलाई को ही गृह विभाग को निर्देश दे दिया था कि नीट परीक्षा को लेकर हुए आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं। इसके बाद राज्यभर में छात्र प्रदर्शनों के दौरान दर्ज किए गए मामलों को अब आधिकारिक रूप से वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
अन्य राज्यों में उठाए गए कदमों की तर्ज पर महाराष्ट्र ने भी यह सुनिश्चित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों के कारण दर्ज मामलों का असर युवा अभ्यर्थियों के शैक्षणिक और पेशेवर भविष्य पर न पड़े।
मुख्यमंत्री का यह निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था, क्योंकि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ बिना अनुमति किए गए प्रदर्शनों में शामिल होने के आरोप में मुंबई पुलिस ने वर्ली, दादर, सायन, माहिम और शिवाजी पार्क सहित विभिन्न पुलिस थानों में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 12 से 13 एफआईआर दर्ज की थीं।
900 से अधिक लोगों के नाम दर्ज किए गए या उन पर जमानती धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें अवैध जमावड़ा और बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के तहत निषेधाज्ञा के उल्लंघन जैसी धाराएं शामिल थीं। इनमें से सैकड़ों लोगों को व्हाट्सऐप के माध्यम से नोटिस भेजकर जांच अधिकारियों के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया था।
--आईएएनएस
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