31 मार्च डेडलाइन से पहले जरूरी वित्तीय काम, फुटेज में जाने नहीं किया तो हो सकता है नुकसान
वित्तीय वर्ष के अंत के करीब आते ही देशभर के करदाताओं और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है। 31 मार्च की रात 12 बजे के बाद कई बैंकिंग और टैक्स से जुड़े जरूरी नियमों की समय सीमा समाप्त हो जाएगी, जिसके चलते लोगों को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सिर्फ दो दिन बचे हैं, और इस दौरान पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) जैसे खातों में न्यूनतम वार्षिक योगदान करना बेहद जरूरी है। नियमों के मुताबिक, इन खातों को सक्रिय बनाए रखने के लिए हर साल कम से कम ₹250 से ₹500 तक की राशि जमा करना अनिवार्य है।
यदि कोई खाताधारक समय पर न्यूनतम राशि जमा नहीं करता है, तो खाता निष्क्रिय (inactive) हो सकता है। इसके बाद खाते को दोबारा चालू कराने के लिए पेनल्टी और अतिरिक्त औपचारिकताओं का सामना करना पड़ सकता है, जिससे बैंकिंग प्रक्रिया और अधिक जटिल हो जाती है।
इसके अलावा, पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) के तहत टैक्स बचत के लिए निवेश करने की अंतिम तारीख भी नजदीक है। आयकर अधिनियम की धारा 80C के अंतर्गत करदाता ₹1.5 लाख तक की छूट प्राप्त करने के लिए PPF, जीवन बीमा, ELSS और अन्य योग्य निवेश साधनों में निवेश कर सकते हैं। ऐसे में यदि निवेश समय पर नहीं किया गया, तो करदाताओं को अतिरिक्त टैक्स भुगतान करना पड़ सकता है।
नौकरीपेशा लोगों के लिए भी यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनियों द्वारा कर्मचारियों से निवेश प्रमाण (Investment Proofs) जमा करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसमें मकान किराया रसीद (HRA), जीवन बीमा प्रीमियम की रसीद, और होम लोन पर ब्याज प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज शामिल होते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कर्मचारी समय पर ये दस्तावेज अपने नियोक्ता को उपलब्ध नहीं कराते हैं, तो कंपनी उनके वेतन से अधिक दर पर टैक्स (TDS) काट सकती है। बाद में इस अतिरिक्त कटौती को वापस पाने के लिए करदाता को आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने तक इंतजार करना पड़ सकता है।
वित्तीय सलाहकारों ने लोगों को सलाह दी है कि वे अंतिम समय की भीड़ और तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए अपने सभी निवेश और दस्तावेजी कार्य जल्द से जल्द पूरा कर लें।
इस तरह, वित्तीय वर्ष के समापन से पहले यह समय करदाताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां थोड़ी सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।