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एनडीए सांसदों ने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का लगाया आरोप, कहा-ईंधन की कमी नहीं, विपक्ष फैला रहा 'डर'

 

नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के सांसदों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने शुरुआत से ही स्पष्ट किया है कि ईंधन आपूर्ति पर सरकार पूरी तरह नजर बनाए हुए है।

जेडीयू के सांसद संजय कुमार झा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सर्वदलीय बैठक में भी यही जानकारी दी गई थी और जमीनी स्तर पर भी स्थिति सामान्य है। एलपीजी व पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और विपक्ष बेवजह भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।

भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने विपक्ष पर लोगों में डर का माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का काम ही अफरातफरी फैलाना है जबकि देश की जनता को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में किए गए विविधीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि देश किसी भी संकट से निपटने में सक्षम है। उन्होंने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए भरोसा जताया कि मौजूदा हालात से भी देश सफलतापूर्वक बाहर निकलेगा।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी ने पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर जो बयान दिया था, वह पूरी तरह गलत साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि जब अन्य देशों में पाबंदियां लग रही हैं, तब भारत में स्थिति सामान्य बनी हुई है जिसे विपक्ष स्वीकार नहीं कर पा रहा है। प्रधानमंत्री का विरोध करते-करते विपक्ष देश का ही विरोध करने लगा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

इसी दौरान प्रह्लाद जोशी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई राज्य इसे लागू करना चाहता है तो इसमें कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।

उधर, मालदा की घटना को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। भाजपा सांसद रविकिशन ने सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करते हुए पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि वहां पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ लगातार हिंसा हो रही है।

वहीं, भाजपा सांसद रेखा शर्मा ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में हर मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से देखा जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव के बाद जनता इस पर अपना फैसला सुनाएगी।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम