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एनडीए सांसदों का विपक्ष से सवाल, कहा-"झारखंड सरकार छात्रों के साथ कर रही अन्याय, चुप क्यों है विपक्ष"

 

नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में जारी छात्र आंदोलन, प्रयागराज में राहुल गांधी के प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने और संसद की कार्यवाही को लेकर भाजपा के सांसदों ने कांग्रेस और विपक्षी दलों की आलोचना की है। भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे उठाता है जबकि जिन राज्यों में उसकी सहयोगी सरकारें हैं, वहां के छात्र आंदोलनों की अनदेखी की जा रही है।

केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आवास से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर हजारों छात्र पिछले 14 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार का कोई वरिष्ठ प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं गया। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री में मानवीय संवेदना है तो उन्हें यह याद रखना चाहिए कि प्रदर्शन कर रहे छात्र भी राज्य के बेटे-बेटियां हैं और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।

संजय सेठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश राहुल गांधी के राजनीतिक चरित्र और उनके दोहरे मापदंडों को जानता है। उनके अनुसार राहुल गांधी केवल उन्हीं मुद्दों को उठाते हैं, जहां उन्हें राजनीतिक लाभ दिखाई देता है। उन्होंने सवाल किया कि यदि राहुल गांधी वास्तव में युवाओं की चिंता करते हैं तो झारखंड के छात्रों से मिलने वहां क्यों नहीं गए।

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, "इसके लिए राज्य सरकार की भी जिम्मेदारी है। सारा दोष केंद्र सरकार पर मढ़ना सही नहीं है, विपक्ष कुछ नहीं कह रहा है। विपक्ष को हंगामा करने की आदत हो गई है। एक मांग उठाने के तुरंत बाद, वे दूसरी मांग लेकर आ जाते हैं।"

सांसद तरुण चुघ ने कहा, "छात्र संघर्ष कर रहे हैं, अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के तथाकथित नेता राहुल गांधी के पास उनकी बात सुनने के लिए एक मिनट भी नहीं है। यह दोहरा रवैया है। देश देख रहा है कि राजनीति के लिए कांग्रेस हर तरह की कोशिश करती है; बस में बैठकर छात्र आंदोलन को अपने हाथ में लेने की कोशिश करती है, लेकिन यहां झारखंड के विरोध-प्रदर्शन के लिए उनके पास समय नहीं है।"

प्रयागराज में राहुल गांधी के प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति रद्द किए जाने पर भाजपा सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी को ऐसी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि उनके कार्यक्रमों से रचनात्मक माहौल नहीं बनता, बल्कि व्यवधान उत्पन्न होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का उद्देश्य सकारात्मक राजनीति के बजाय टकराव की स्थिति पैदा करना है।

झारखंड सरकार की भूमिका पर भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह निष्क्रिय बनी हुई है और छात्रों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कई छात्र बारिश के बीच लंबे समय तक भूख हड़ताल पर बैठे रहे, लेकिन सरकार ने उनकी सुध नहीं ली।

मिश्रा ने आरोप लगाया कि जब राष्ट्रीय स्तर पर नीट परीक्षा के पेपर लीक का मुद्दा उठा था, तब कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन झारखंड में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रति वही दल चुप्पी साधे हुए हैं क्योंकि वहां उनकी सहयोगी सरकार है।

संसद की कार्यवाही को लेकर भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कांग्रेस पर सदन नहीं चलने देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास नए मुद्दे नहीं हैं और विपक्ष के नेता बार-बार एक ही विषय उठाकर सदन की कार्यवाही बाधित करते हैं। उनके अनुसार सरकार चाहती है कि संसद सुचारु रूप से चले और जनहित के मुद्दों पर चर्चा हो, लेकिन विपक्ष लगातार हंगामा कर कामकाज में व्यवधान डाल रहा है।

सांसद सुष्मिता देव ने भी विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि शुरुआत में विपक्ष ने पेपर लीक का मुद्दा उठाया था और सरकार ने इस विषय पर कानून लाकर बहस भी कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद विपक्ष लगातार अपनी मांगें बदलता रहा और अब अलग-अलग मंत्रियों की उपस्थिति की मांग कर रहा है। उनके अनुसार इससे स्पष्ट होता है कि विपक्ष का उद्देश्य बहस करना नहीं, बल्कि संसद की कार्यवाही को बाधित करना है।

भाजपा सांसद रेखा शर्मा ने राज्यसभा में विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता प्रतिदिन एक ही मुद्दा दोहराते हैं और सदन में रचनात्मक चर्चा के बजाय केवल शोर-शराबा करते हैं। उनके अनुसार विपक्ष को न तो प्रभावी ढंग से काम करने की आदत है और न ही विपक्ष की जिम्मेदारी निभाने की।

वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की प्रस्तावित जेन जी छात्रों के साथ बातचीत को लेकर भाजपा सांसद जनार्दन सिग्रीवाल ने कहा कि किसी भी कार्यक्रम में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो और कोई राष्ट्रविरोधी संदेश न जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों ने परिस्थितियों को देखते हुए जो भी निर्णय लिया होगा, वह प्रशासनिक आकलन के आधार पर लिया गया होगा।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम