एनसीआर में घना कोहरा, भीषण प्रदूषण और ठंड की दोहरी मार, एक्यूआई 450 के पार
नोएडा, 17 जनवरी (आईएएनएस)। शनिवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोगों को एक बार फिर जबरदस्त घने कोहरे का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे रहे कि कई इलाकों में विजिबिलिटी लगभग शून्य तक पहुंच गई। सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया, वहीं वाहन चालकों को धीमी रफ्तार में सफर करना पड़ा।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार सुबह के समय घना कोहरा दर्ज किया गया और तापमान अधिकतम 22 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। कोहरे के साथ-साथ प्रदूषण ने भी एनसीआर की परेशानी बढ़ा दी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), यूपीपीसीबी (यूपीपीसीबी) और आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक एनसीआर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है।
नोएडा की बात करें तो सेक्टर-125 में एक्यूआई 381, सेक्टर-62 में 361, सेक्टर-1 में 418 और सेक्टर-116 में 375 दर्ज किया गया। वहीं गाजियाबाद में इंदिरापुरम का एक्यूआई 360, लोनी में 412, संजय नगर में 307 और वसुंधरा में 437 रिकॉर्ड किया गया।
दिल्ली के हालात और भी खराब नजर आए। आनंद विहार में एक्यूआई 450 तक पहुंच गया, जो बेहद चिंताजनक है। चांदनी चौक में 435, पटपड़गंज में 440, नेहरू नगर में 425, पंजाबी बाग में 399, नॉर्थ कैंपस डीयू में 400, रोहिणी में 396, आरके पुरम में 379, बवाना में 368, ओखला फेज-2 में 367, अलीपुर में 352, अशोक विहार में 391, आया नगर में 322, डीटीयू में 353 और सीआरआरआई मथुरा रोड पर 308 एक्यूआई दर्ज किया गया।
कई इलाकों में एक्यूआई 400 से ऊपर पहुंचने के कारण हवा बेहद जहरीली श्रेणी में बनी हुई है। प्रदूषण के लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने एक बार फिर ग्रेप- 3 के नियमों को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है। निर्माण गतिविधियों पर रोक, डीजल वाहनों पर प्रतिबंध और औद्योगिक इकाइयों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आने वाले दिनों में भी सुबह के समय कोहरा बना रह सकता है, हालांकि 18 और 19 जनवरी को कोहरे की तीव्रता कुछ कम होकर हल्के कोहरे की संभावना है। फिलहाल एनसीआर की जनता कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और जहरीली हवा की दोहरी मार झेलने को मजबूर है।
--आईएएनएस
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