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एनसीईआरटी की किताब में मुगल-सिख संघर्ष का जिक्र अच्छी बात: सांसद सौगत रॉय

 

कोलकाता, 30 सितंबर (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने एनसीईआरटी की कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की नई किताब में मुगल शासन और सिख गुरुओं के बीच संघर्ष के उल्लेख, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के विपक्षी दलों पर बयान, इंडिया ब्लॉक की बैठक और एसआईआर समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।

एनसीईआरटी की कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की किताब के एक अध्याय में मुगल शासन और सिख गुरुओं के बीच संघर्ष का विस्तार से उल्लेख किए जाने पर सौगत रॉय ने कहा कि यह अच्छी बात है। सिख गुरुओं ने मुगल शासकों के साथ साहस के साथ संघर्ष किया था और इस इतिहास को किताबों में जगह मिलनी चाहिए। मुगल साम्राज्य भी भारत के इतिहास का हिस्सा है और सिख गुरुओं का संघर्ष भी इतिहास का हिस्सा है। दोनों पहलुओं को इतिहास में शामिल किया जाना चाहिए।

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य द्वारा सपा को 'सांपनाथ', बसपा को 'नागनाथ' और कांग्रेस को 'कालिया नाग' कहे जाने पर सौगत रॉय ने इसे फर्जी और राजनीतिक चर्चा के लिए पौराणिक उदाहरणों का इस्तेमाल बताया। उन्होंने सवाल किया कि राजनीतिक बयान में सांपों के उदाहरण लाने का क्या मतलब है। वहीं, मौर्य के इस दावे कि तीनों विपक्षी दल साथ मिलकर भी चुनाव लड़ेंगे तो हारेंगे, पर सौगत रॉय ने कहा कि भाजपा की अपनी सोच हो सकती है, लेकिन उनका मानना है कि अगर विपक्षी दल एक साथ आते हैं तो उत्तर प्रदेश में भाजपा को नुकसान हो सकता है।

इंडिया ब्लॉक की बैठक में अखिलेश यादव के शामिल नहीं होने पर सौगत रॉय ने कहा कि अखिलेश ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि लखनऊ में रामगोपाल यादव के नामांकन की प्रक्रिया के कारण वह बैठक में मौजूद नहीं रहेंगे। उन्होंने उद्धव ठाकरे के ऑनलाइन बैठक से जुड़ने का भी जिक्र किया और कहा कि कम समय में इंडिया ब्लॉक की बैठक कर आगे की तैयारियों पर चर्चा करना अच्छी बात है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की आलोचना किए जाने और उनके इस्तीफे की मांग किए जाने पर सौगत रॉय ने कहा कि वह खड़गे के बयान का पूरा समर्थन करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर की प्रक्रिया अपनाई और भाजपा को इसका समर्थन मिला। इस मुद्दे पर देश की लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बजरंगबली और कालनेमि की कथा का राजनीतिक संदर्भ में इस्तेमाल किए जाने पर सौगत रॉय ने कहा कि वह इस कहानी से परिचित हैं और इसे सभी जानते हैं। पौराणिक कथाओं को आधुनिक राजनीति से जोड़ना भाजपा की समस्या है। उनके मुताबिक, ये पुरानी कथाएं हैं और आज की राजनीति से इनका कोई सीधा संबंध नहीं है।

--आईएएनएस

पीएसके