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एनसीईआरटी की 9वीं की पुस्तक में सिख इतिहास जोड़ने का भाजपा नेताओं ने किया स्वागत

 

नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की 9वीं कक्षा की पुस्तक में सिख इतिहास और सिख गुरुओं के मुगल शासन के साथ संघर्ष एवं शहादत का उल्लेख किए जाने पर भाजपा नेताओं ने इसका स्वागत किया।

भाजपा नेताओं ने कहा कि विद्यार्थियों को सिख इतिहास और देश के इतिहास में सिख गुरुओं तथा समुदाय के योगदान के बारे में जानकारी मिलनी चाहिए। आईएएनएस से बातचीत में पंजाब भाजपा के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। अब कक्षा 9 के एनसीईआरटी सिलेबस में सिख इतिहास को भी शामिल कर लिया गया है।

राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि आज मुझे बहुत खुशी है कि एनसीईआरटी ने कक्षा 9 और 10 की किताबों में सिख इतिहास के अध्याय जोड़ने का फैसला किया है और आज इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। जब मैं सांसद बना था, तब मैंने भी इसकी मांग की थी क्योंकि हमने पहले देखा था कि किताबों में इतिहास को बहुत गलत तरीके से पेश किया गया था। भारत की संस्कृति और धार्मिक आजादी के लिए अपनी जान देने वाले गुरु गोबिंद सिंह, जिन्होंने अपने पूरे परिवार का बलिदान दिया, उनके लिए एक-दो जगहों पर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। हमने यह मुद्दा भी उठाया था। अब किताबों के जरिए हमारे बच्चे सिख इतिहास को समझ पाएंगे, मैं पीएम मोदी का आभार जताना चाहता हूं।

भाजपा नेता राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने कहा कि मैं सिख इतिहास को पाठ्यपुस्तकों में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार की प्रशंसा करना चाहता हूं। लोगों को पता होना चाहिए कि हमारे सिख गुरुओं और सिख समुदाय ने देश की इज्जत और सुरक्षा के लिए तथा गरीबों व पीड़ितों की जान बचाने के लिए किस तरह कुर्बानियां दीं और शहादत हासिल की।

भाजपा नेता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि इतिहास तो बताना ही चाहिए। लंबे समय तक कांग्रेस और वामपंथियों ने मिलकर हमारे इतिहास के प्रति असंवेदनशीलता दिखाई। अगर इतिहास के मानकों का सम्मान हो रहा है तो यह स्वागत योग्य कदम है।

भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यह देश बदल रहा है और इतिहास की सच्ची तस्वीर दिखाने का काम किया जा रहा है। पहले अकबर और टीपू सुल्तान के बारे में बताया जाता था। गलत इतिहास की परंपरा कांग्रेस ने शुरू की थी और वह अब खत्म हो रही है। जिस तरह से सिख गुरुओं ने मुगलों के खिलाफ संघर्ष किया था, उसका वर्णन किया गया है। देश को अपना इतिहास जानना चाहिए। सिख समाज ने देश की रक्षा के लिए बहुत कुर्बानियां दी हैं।

--आईएएनएस

डीकेएम/पीएम