एनसीबी अधिकारियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, नार्को-फाइनेंसिंग नेटवर्क पर रहेगा फोकस
नई दिल्ली, 29 जून (आईएएनएस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने अपने अधिकारियों की जांच क्षमताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। एनसीबी इंडिया ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल के माध्यम से जानकारी दी कि भोपाल स्थित सीएपीटी में 26 एनसीबी अधिकारियों के लिए नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) मामलों की जांच पर तीन दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।
एनसीबी के अनुसार, इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों की प्रभावी जांच के लिए आवश्यक तकनीकी और कानूनी कौशल से लैस करना है। प्रशिक्षण में एनडीपीएस मामलों की जांच के साथ-साथ वित्तीय जांच के पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े आर्थिक नेटवर्क को खत्म करने में मदद मिल सके।
ड्रग तस्करी केवल मादक पदार्थों की अवैध आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े वित्तीय नेटवर्क भी काम करते हैं। ऐसे में नार्को-फाइनेंसिंग की पहचान और उस पर कार्रवाई करना जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। इस प्रशिक्षण के जरिए अधिकारियों को ऐसे नेटवर्क की पहचान करने और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
यह पहल नारकोटिक्स कंट्रोल पर राष्ट्रीय रोडमैप के अनुरूप है। एजेंसी ने दोहराया कि वह नशा-मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपनी क्षमता और संसाधनों को लगातार मजबूत कर रही है।
तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में अधिकारियों को एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े प्रावधानों, जांच की आधुनिक तकनीकों, साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया, वित्तीय लेन-देन की जांच और ड्रग तस्करी के संगठित नेटवर्क की पहचान जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एनसीबी देशभर में मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े अपराधों के खिलाफ अभियान चला रही है। एजेंसी का कहना है कि ड्रग नेटवर्क को खत्म करने के लिए केवल जब्ती और गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि तस्करी से जुड़े पूरे सिस्टम और उसके आर्थिक स्रोतों पर प्रहार करना जरूरी है।
--आईएएनएस
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