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पूर्व सांसद देबाशीष सामंतराय भाजपा में शामिल हुए, बीजद से दिया था इस्तीफा

 

नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। बीजू जनता दल (बीजेडी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने बीजेडी से इस्तीफा देने के बाद मंगलवार को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके इस कदम को राज्य की राजनीति में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।

भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी नेतृत्व ने उनका औपचारिक स्वागत किया। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, सांसद अनिल बलूनी, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व ओडिशा प्रभारी विजयपाल सिंह तोमर, प्रदेश अध्यक्ष और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

देबाशीष सामंतराय ओडिशा की राजनीति में एक अनुभवी नेता माने जाते हैं। वे वर्ष 2000 से 2004 तक किरटोल विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं। इसके बाद 2009 से 2019 तक वे लगातार दो बार कटक की बाराबती विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। इसके अलावा उन्होंने ओडिशा टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के चेयरमैन के रूप में भी काम किया है। वे लंबे समय से लोककला, संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं।

हाल ही में उन्होंने बीजेडी से इस्तीफा दे दिया था, जिसमें उन्होंने पार्टी में उपेक्षा और अपमान का आरोप लगाया था। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था।

उनके भाजपा में शामिल होने को ओडिशा की राजनीति में बीजेडी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जबकि भाजपा इसे अपने संगठनात्मक विस्तार के रूप में देख रही है। 25 मई को देबाशीष सामंतराय ने बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक को भेजे अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा, "मैं बीजेडी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देता हूं। मुझे राज्यसभा के लिए मनोनीत करने के लिए मैं आपका सदा ऋणी रहूंगा।''

उन्होंने आगे लिखा था कि मैंने हमेशा स्वयं को पार्टी के हित में समर्पित किया है और वर्षों से पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पार्टी के लिए कार्य किया है। हालांकि, मुझे लगता है कि हाल के दिनों में पार्टी में मेरा सुनियोजित तरीके से अपमान किया जा रहा है और पार्टी को मेरी सेवाओं की आवश्यकता नहीं है।

बीजेडी छोड़ने के कुछ घंटों बाद देबाशीष सामंतराय ने नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को अपना इस्तीफा सौंपकर उच्च सदन की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया।

--आईएएनएस

एएमटी/पीएम