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नवरात्रि विशेष : सात्विक और पौष्टिक तत्वों से भरपूर रखें 'व्रत की थाली', इन चीजों का सेवन नहीं होने देगा कमजोरी

 

नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। आदिशक्ति की आराधना का पर्व नवरात्र चल रहा है। कई लोग पहले और नौवें दिन और कुछ पूरे 9 दिन व्रत रखकर माता की आराधना करते हैं। नवरात्र व्रत का असली सार आस्था के साथ अनुशासन और संतुलित जीवन है। ऐसे में व्रत में खान-पान बहुत मायने रखता है। हल्का, सात्विक और पौष्टिक भोजन शरीर को ऊर्जावान रखता है, पाचन सुधारता है और मन को शांति देता है।

ऐसे में व्रत की थाली में क्या शामिल करें और क्या नहीं इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए। थाली में मुख्य रूप से मखाना, साबूदाना, कुट्टू और मौसमी फल शामिल करना चाहिए। ये सभी हल्के, आसानी से पचने वाले और पोषक तत्वों से भरपूर हैं। ये सभी मिलकर व्रत को संतुलित बनाते हैं साथ ही शरीर हल्का, मन शांत और एनर्जी बनी रहती है।

मखाना :- यह व्रत का सबसे अच्छा स्नैक है। कम कैलोरी, हाई प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम से भरपूर। इसमें फैट, सोडियम और कोलेस्ट्रॉल बहुत कम होता है। व्रत में कमजोरी नहीं होने देता, ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखता है, किडनी स्वस्थ रखता है और लंबे समय तक एनर्जी देता है। भुने हुए या खीर में खाया जा सकता है।

साबूदाना :- यह तुरंत ऊर्जा देने वाला सुपरफूड है। कार्बोहाइड्रेट से भरपूर, ग्लूटेन-फ्री और आसानी से पच जाता है। इसमें कैल्शियम, पोटैशियम और विटामिन के होते हैं। व्रत में इसके सेवन से बार-बार भूख नहीं लगती, पाचन बेहतर होता है और थकान दूर रहती है। खिचड़ी, वड़ा या खीर बनाकर खाया जाता है। हालांकि, इसमें प्रोटीन कम होता है, इसलिए नट्स या दही के साथ मिलाकर खाना बेहतर होता है।

कुट्टू :- प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, आयरन, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर कुट्टू ग्लूटेन-फ्री और बहुत पौष्टिक होता है। कॉम्प्लेक्स कार्ब्स से लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है, ब्लड शुगर स्थिर रहता है और पाचन सुधरता है। रोटी, पूरी, चीला या कढ़ी बनाकर खाया जाता है। वजन नियंत्रण और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है।

मौसमी फल:- सेब, केला, संतरा, अनार जैसे फल ताजगी देते हैं। विटामिन, मिनरल्स और फाइबर से भरपूर होते हैं, जो शरीर को न केवल एनर्जी बल्कि ठंडक भी देते हैं। फल से शरीर डिटॉक्स होता है और इम्युनिटी मजबूत रहती है।

--आईएएनएस

एमटी/एएस