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नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने उपराष्ट्रपति से की मुलाकात

 

नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने बुधवार को उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से शिष्टाचार मुलाकात की। यह भेंट ऐसे समय हुई है जब एडमिरल त्रिपाठी इसी महीने भारतीय नौसेना की सेवा से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं।

एडमिरल त्रिपाठी का करियर भारतीय नौसेना में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने नौसेना के आधुनिकीकरण, स्वदेशी युद्धपोत निर्माण, समुद्री निगरानी क्षमता और संयुक्त सैन्य अभियानों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। सेवा निवृत्ति से पहले वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न संवैधानिक पदाधिकारियों से औपचारिक मुलाकात करते रहे हैं। उपराष्ट्रपति से हुई यह भेंट भी उसी क्रम का हिस्सा मानी जा रही है।

भारतीय नौसेना के लिए एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का कार्यकाल कई महत्वपूर्ण अभियानों, अंतरराष्ट्रीय अभ्यासों और समुद्री सुरक्षा पहलों के कारण विशेष रूप से उल्लेखनीय माना जा रहा है। वह सोमवार को भी एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए थे। यह चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (सीओएससी) की बैठक थी। तीनों सेनाओं के प्रमुखों व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की मौजूदगी वाली यह मीटिंग कई मायनों में विशेष रही। यह बैठक चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सीओएससी के स्थायी अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान तथा नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी के लिए सेवानिवृत्ति से पहले सीओएससी की अंतिम बैठक रही।

बता दें कि दोनों वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इसी महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इन अधिकारियों की सेवानिवृत्ति से पहले हुई यह बैठक भावनात्मक और ऐतिहासिक महत्व की मीटिंग रही। बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी व चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित मौजूद रहे।

इस दौरान तीनों सेनाओं के बीच तालमेल, संयुक्त सैन्य रणनीति, परिचालन समन्वय और थिएटराइजेशन की दिशा में चल रहे प्रयासों पर चर्चा की गई। इस बीच भारतीय नौसेना ने समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बड़ी कामयाबी भी हासिल की है। नौसेना ने समुद्री डकैती के एक बड़े कुप्रयास को विफल कर दिया। सोमवार को सामने आई जानकारी के अनुसार हिंद महासागर में समुद्री डाकुओं की सूचना मिलते ही नौसेना के जांबाज तुरंत हरकत में आए और समुद्री डाकुओं को घेर लिया।

ये समुद्री डाकू एक मालवाहक जहाज को अपना निशाना बनाने की फिराक में थे। हालांकि, भारतीय नौसेना द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से समुद्री डाकुओं के मंसूबे नाकाम हो गए। नौसेना के मुताबिक, ये कार्रवाई पश्चिमी हिंद महासागर में की गई है। दरअसल, पश्चिमी हिंद महासागर में व्यापारी जहाज एमवी माशाअल्लाह 1 के आसपास समुद्री डाकू घेराबंदी की तैयारी में थे। इस बीच, भारतीय नौसेना को समुद्री डाकुओं की गतिविधियों की सूचना मिली।

यह जानकारी मिलने पर भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस कोलकाता ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संभावित खतरे को विफल कर दिया। भारतीय नौसेना की इस तेज और सतर्क प्रतिक्रिया से व्यापारी जहाज की सुरक्षा सुनिश्चित हुई तथा संभावित समुद्री डकैती की बड़ी घटना टल गई।

गौरतलब है कि भारतीय नौसेना समुद्री चुनौतियों, क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग, समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका पर मजबूती से काम कर रही है। हाल के वर्षों में भारतीय नौसेना ने समुद्री डकैती विरोधी अभियानों, राहत एवं बचाव कार्यों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी