नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार
नोएडा, 31 जनवरी (आईएएनएस)। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। थाना साइबर क्राइम एवं थाना फेस-1 पुलिस की संयुक्त टीम ने सेक्टर-6 नोएडा स्थित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर गिरोह के 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
अभियुक्तों के कब्जे से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्जी दस्तावेज और बैंकिंग सामग्री बरामद की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई शनिवार को मैनुअल इंटेलिजेंस और संकलित सूचनाओं के आधार पर की गई। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान दुर्गेश कुमार, सोनू कुमार, पुनीत सिंह, अमन शर्मा और आलोक के रूप में हुई है। यह सभी अभियुक्त संगठित गिरोह के रूप में कार्य कर रहे थे और विभिन्न ऑनलाइन जॉब पोर्टल्स एवं वेबसाइटों से नौकरी की तलाश कर रहे अभ्यर्थियों का डेटा एकत्रित करते थे।
पूछताछ में सामने आया है कि अभियुक्त खुद को नामी मल्टीनेशनल कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर युवाओं को फोन कॉल, ई-मेल और सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क करते थे। इसके बाद नौकरी दिलाने का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज, ट्रेनिंग फीस एवं अन्य मदों में मोटी रकम ठग लेते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अभियुक्तों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से एनसीआरपी पोर्टल पर कुल 21 शिकायतें दर्ज हैं और उनके बैंक खातों में करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से 5 लैपटॉप, 24 मोबाइल फोन, 3 फर्जी मोहर, श्रम विभाग की 11 फर्जी आईडी, 19 डेबिट/क्रेडिट/पैन कार्ड, एक चेकबुक और तीन बैंक खातों के स्टेटमेंट बरामद किए हैं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अभियुक्त सोनू कुमार और दुर्गेश कुमार को पूर्व में हरियाणा के गुरुग्राम में भी इसी तरह के फर्जी कॉल सेंटर संचालन के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने अभियुक्तों के विरुद्ध थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर में भारतीय न्याय संहिता एवं आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
साथ ही पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर आने वाले किसी भी कॉल या संदेश पर बिना सत्यापन विश्वास न करें और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
--आईएएनएस
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