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नेशनल स्पोर्ट्स अवार्ड्स से सम्मानित खिलाड़ियों को एनआरएआई ने शुभकामनाएं दी

 

नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने गुरुवार को 'नेशनल स्पोर्ट्स अवार्ड्स 2025' के तहत सम्मानित किए गए निशानेबाजों अखिल श्योराण, धनुष श्रीकांत और रुद्रांश खंडेलवाल को 'अर्जुन अवार्ड' मिलने पर बधाई दी। इसके साथ ही कोच नेहा नंदकुमार चव्हाण को द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर भी एनआरएआई ने खुशी जताई।

युवा मामले और खेल मंत्रालय ने 18 अगस्त को नेशनल स्पोर्ट्स अवार्ड्स की घोषणा की, जिसमें भारतीय खेलों में शानदार प्रदर्शन और योगदान को मान्यता दी गई। अखिल श्योराण को 'अर्जुन अवार्ड' के लिए चुना गया है, जबकि धनुष श्रीकांत और रुद्रांश खंडेलवाल को क्रमशः डेफ शूटिंग और पैरा-शूटिंग में उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया है। नेहा नंदकुमार चव्हाण को 'द्रोणाचार्य अवार्ड' से सम्मानित किया गया है।

इस सम्मान पर गर्व जताते हुए एनआरएआई के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने कहा, "अखिल श्योराण, धनुष श्रीकांत, रुद्रांश खंडेलवाल और नेहा नंदकुमार चव्हाण को यह सम्मान मिलते देखना पूरी शूटिंग कम्युनिटी के लिए बहुत गर्व की बात है। उनका सफर उस दृढ़ संकल्प, अनुशासन और लगन को दिखाता है जो खेल में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए जरूरी हैं। ये सम्मान न सिर्फ उनकी अपनी उपलब्धियों का जश्न हैं, बल्कि उन कोच, परिवारों और सपोर्ट सिस्टम का भी सम्मान है जो उनके साथ खड़े रहे। मैं चारों अवॉर्ड पाने वालों को बधाई देता हूँ और उम्मीद करता हूं कि उनकी सफलता देश भर के और भी कई एथलीटों और कोचों को प्रेरित करेगी।"

एनआरएआई के महासचिव पवनकुमार सिंह ने कहा, "नेशनल स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स भारतीय खेलों में सबसे बड़े सम्मानों में से एक हैं, और इस साल शूटिंग कम्युनिटी के चार सदस्यों को सम्मानित होते देखना बहुत उत्साहजनक है। अखिल, धनुष और रुद्रांश ने अपने-अपने इवेंट्स में बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जबकि नेहा को मिला सम्मान यह दिखाता है कि एथलीट्स को तैयार करने और खेलों का एक मजबूत इकोसिस्टम बनाने में कोच कितनी अहम भूमिका निभाते हैं। ये सम्मान एनआरएआई और पूरी शूटिंग कम्युनिटी के लिए गर्व का पल हैं, और हम इस शानदार उपलब्धि के लिए चारों अवॉर्ड पाने वालों को बधाई देते हैं।"

भारत के प्रमुख राइफल शूटरों में से एक, अखिल 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में लगातार राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रहे हैं। वह अभी एनआरएआई की 2026 नेशनल स्क्वाड का हिस्सा हैं और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ते रहे हैं। उन्होंने इस साल की शुरुआत में सिलेक्शन ट्रायल 3 में 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में पहला स्थान हासिल किया था।

नेहा नंदकुमार चव्हाण को मिला 'द्रोणाचार्य अवार्ड' शूटिंग में एक कोच के तौर पर उनके योगदान और एथलीट्स को बड़े लेवल की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करने में उनकी भूमिका को मान्यता देता है। उनका सम्मान भारतीय शूटिंग के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है और यह कोचों और देश के एथलीट्स के पीछे के सपोर्ट सिस्टम के महत्व को उजागर करता है।

डेफ कैटेगरी में दुनिया के नंबर 1 शूटर धनुष ने पिछली सर्दियों में टोक्यो में हुए 25वें समर डेफलिंपिक्स में इतिहास रचा था। उन्होंने इन खेलों में भारत के लिए शूटिंग का पहला गोल्ड मेडल जीता था। 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में उन्होंने फाइनल में 252.2 का स्कोर करके डेफ कैटेगरी का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा और अपना पिछला रिकॉर्ड (251.7) बेहतर किया। उन्होंने फाइनल में अपनी जगह पक्की करने के लिए डेफलिंपिक्स क्वालिफिकेशन का नया रिकॉर्ड भी बनाया था। धनुष के गोल्ड मेडल के साथ ही उनके साथी खिलाड़ी मोहम्मद मुर्तजा वानिया ने सिल्वर मेडल जीता, जिनका स्कोर 250.1 रहा।

रुद्रांश खंडेलवाल, जो भारत के सबसे होनहार पैरा-शूटर्स में से एक हैं, एसएच1 कैटेगरी में पिस्टल इवेंट्स में हिस्सा लेते हैं। उन्होंने एशियन पैरा गेम्स, वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट वर्ल्ड कप, वर्ल्ड चैंपियनशिप और पेरिस 2024 पैरालंपिक गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनके अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड में वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट इवेंट्स में कई मेडल शामिल हैं, जिनमें गोल्ड मेडल भी हैं। इसलिए, उन्हें अर्जुन अवार्ड मिलना भारतीय पैरा-शूटिंग के लिए एक बहुत बड़ा सम्मान है।

--आईएएनएस

आरएसजी