'नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस' पर गुजरात पुलिस ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए
अहमदाबाद/सूरत, 26 जून (आईएएनएस)। गुजरात पुलिस ने शुक्रवार को अहमदाबाद और सूरत में जन-जागरूकता कार्यक्रमों के साथ 'नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस' मनाया। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने और लगातार कार्रवाई व सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराया।
अहमदाबाद में, गुजरात पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए साबरमती रिवरफ्रंट पर एक साइक्लोथॉन का आयोजन किया।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और अहमदाबाद पुलिस आयुक्त, जीएस मलिक ने इस कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाई, जिसमें पुलिसकर्मी, अधिकारी, छात्र और आम जनता शामिल हुई।
इस अवसर पर, मलिक ने कहा कि 26 जून, जिसे विश्व स्तर पर नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है, नशीली दवाओं से जुड़ी बढ़ती चुनौतियों के बारे में जागरूकता को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने कहा, "इस मौके पर यहां एक साइक्लोथॉन आयोजित की गई। इसमें पुलिस एसपी, अन्य कर्मचारियों के साथ-साथ निजी व्यक्तियों और आम जनता ने भी हिस्सा लिया। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में जागरूकता बढ़ाना था, क्योंकि नशीली दवाओं से संबंधित मुद्दे और चुनौतियां बढ़ रही हैं।"
यह साइक्लोथॉन एएनटीएफ की ओर से 'नशा-मुक्त भारत' के सामूहिक संकल्प को मजबूत करने के संदेश के तहत आयोजित एक विशेष जागरूकता पहल का हिस्सा थी।
सूरत में, शहर की पुलिस ने एक जन-जागरूकता रैली आयोजित की, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों, स्थानीय निवासियों, गैर-सरकारी संगठनों और मीडिया प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
यह रैली नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने और नशीली दवाओं के खिलाफ प्रयासों में जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित की गई थी।
सूरत के पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने कहा कि शहर की पुलिस नशीली दवाओं के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने के लिए कई वर्षों से यह वार्षिक रैली आयोजित कर रही है। गहलोत ने कहा, "नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। पिछले कई वर्षों से सूरत शहर की पुलिस इस दिन एक रैली आयोजित करती आ रही है। इसमें स्कूलों और कॉलेजों के छात्र, आम जनता, एनजीओ, स्वयंसेवी संस्थाएं और मीडियाकर्मी भी हिस्सा लेते हैं। इस दिन हम अपनी एकता और संकल्प दिखाते हैं कि आने वाले पूरे साल हम नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ते रहेंगे और सख्त कार्रवाई करेंगे।"
ये जागरूकता अभियान राज्य सरकार द्वारा पिछले पांच वर्षों में नशीली दवाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई के आंकड़े जारी करने के एक दिन बाद शुरू किए गए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि के दौरान पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत 3,700 से अधिक मामले दर्ज किए, 5,346 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 13,600 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के 1.36 लाख किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ जब्त किए।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य ने नशा-मुक्ति और पुनर्वास पहलों के साथ-साथ समर्पित बलों, तकनीक-आधारित जांच और काम की जानकारी (एक्शनेबल इंटेलिजेंस) देने वालों के लिए इनाम योजनाओं के माध्यम से नशीली दवाओं के खिलाफ अपने ढांचे को भी मजबूत किया है।
--आईएएनएस
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